गाजियाबाद वालों के लिए बड़ी खबर! उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में बन रहे जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड रेल के लिए मंजूरी दे दी है। इसके तहत गाजियाबाद से लेकर जेवर एयरपोर्ट तक 72 किमी लंबा रैपिड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने डी. एस. मिश्रा की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने इस कॉरिडोर को मंजूरी दी है।

इसके साथ ही परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के भी निर्देश दिये गये हैं।
जेवर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी पर ध्यान
नोएडा के जेवर में भारत का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। इसके पहले चरण का काम 2024 में पुरा होने की संभावना है। जेवर एयरपोर्ट से यात्री सेवाएं अक्टूबर 2024 तक शुरू हो सकती हैं। हाल ही एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने जेवर एयरपोर्ट से अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए करार भी किया है। लेकिन यात्री सेवाओं के साथ-साथ अब एयरपोर्ट तक यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी पर ध्यान दिया जा रहा है।

इसके तहत ही उत्तर प्रदेश सरकार ने 16,000 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 72 किमी लंबी रैपिड रेल कॉरिडोर तैयार करने का फैसला लिया है। यह कॉरिडोर गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा सेक्टर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से जोड़ेगा। इसे दिल्ली-NCR में चलने वाली एक्वा लाइन मेट्रो से जोड़कर इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से जोड़ने की भी योजना है।
बनाए जाएंगे 17 स्टेशन
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक दो चरणों में रैपिड ट्रेन बनाएं जाएंगे। 72 किमी लंबे कॉरिडोर के लिए कुल 17 स्टेशन तैयार किया जाएगा। इसमें से गाजियाबाद, दक्षिण गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 4, सेक्टर 2, नॉलेज पार्क 5, सूरजपुर, परी चौक, इकोटेक 6, दनकौर और यमुना प्राधिकरण के सेक्टर 18, 20, 21 शामिल होंगे।

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के इकोटेक 6 और सेक्टर 21 में डिपो का प्रस्ताव दिया गया है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में रैपिड ट्रेन यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर चलती हुई जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगी। इस कॉरिडोर को तैयार करने में जो 16,000 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है, वह फंडिंग के जरिए इकट्ठा की जाएगी। कुल लागत का 20% केंद्र सरकार, 50% राज्य सरकार और बाकी का 30% प्रबंधन देगी।
2 चरण में बनेगा पूरा कॉरिडोर
मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक रैपिड ट्रेन कॉरिडोर दो चरणों में तैयार किया जाएगा। इसमें पहला चरण गाजियाबाद से इकोटेक 6 तक होगा। यह लगभग 37.15 किमी लंबा होगा। इसके साल 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है।
पहले चरण के तैयार होने में 9798.1 करोड़ रुपए की आनुमानिक लागत आने वाली है। दूसरा चरण इकोटेक 6 से जेवर एयरपोर्ट तक होगा, जो लगभग 35.11 किमी लंबा है। इसको तैयार करने में आनुमानिक लागत 6391 करोड़ रुपए हो सकती है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दूसरा चरण कब तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।



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