महाकुंभ मेले के लिए प्रयागराज पूरी तरह से तैयार हो चुका है। मात्र 2 दिनों बाद से शुरू होने वाला है दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक सम्मेलन। इस साल महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू होगा जो 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। इस दौरान लगभग 40 करोड़ तीर्थ यात्रियों के महाकुंभ मेले में पहुंचने की संभावना जतायी जा रही है। 144 सालों बाद महाकुंभ मेले का आयोजन हो रहा है जिसमें साधु-सन्यासी, नागा साधु, अखाड़ा, संत, ऋषि और धर्मात्मा से लेकर आम नागरिक, कलाकार, नेता-राजनेता तमाम लोग शामिल होंगे।
45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ मेले के दौरान 6 शाही स्नान होंगे। महाकुंभ मेले में बड़ी संख्या में विदेशों से भी तीर्थ यात्री प्रयागराज पहुंचेंगे, जिनकी सुविधा के लिए प्रयागराज के घरेलू एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने की कवायद चल रही है।

प्रयागराज के घरेलू एयरपोर्ट को मिलेगा इंटरनेशनल का दर्जा
मिली जानकारी के अनुसार महाकुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए ही प्रयागराज के डोमेस्टिक एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने की तरफ काम किया जा रहा है ताकि विदेशों से आने वाली उड़ानों को यहां लैंड करवाने में कोई परेशानी न हो। संभावना जतायी जा रही है कि केंद्रीय गृह, विदेश और नागर विमानन मंत्रालय की ओर से जल्द ही इसकी मंजूरी भी मिल जाएगी।
इससे पहले उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे की प्री-वेडिंग फेस्टिविटिज के लिए गुजरात के जामनगर एयरपोर्ट को 26 फरवरी से 6 मार्च तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा दिया गया था। अब महाकुंभ मेले में आने वाले विदेशी तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज में भी वहीं करने की पहल की जा रही है।
इसके साथ ही 13 जनवरी से प्रयागराज एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे भी खुलने वाला है। अब तक यह कैफे सिर्फ कोलकाता एयरपोर्ट पर ही खुला था। उड़ान यात्री कैफे पर यात्रियों के लिए काफी किफायती कीमतों पर चाय-कॉफी मुहैया करवायी जाएगी। यह एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की एक पहल है।

106 सालों बाद पहली बार रात को उड़ी उड़ान
महाकुंभ की वजह से प्रयागराज में विमान सेवा का नाम इतिहास में दर्ज होने वाला है। लगभग 106 सालों बाद प्रयागराज एयरपोर्ट पर रात के समय फ्लाईट लैंड की। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ब्रिटिश काल के दौरान वर्ष 1919 में बमरौली एयरपोर्ट (तत्कालिन इलाहबाद) का निर्माण हुआ था। वर्ष 1932 तक बनरौली एयरपोर्ट से लंदन के लिए सीधी उड़ान जाती थी।
वर्ष 1946 तक दूसरे देशों के लिए प्रयागराज से उड़ान जाती थी। उसके बाद यह बंद हो गयी। वर्ष 1941 से 2003 तक यहां से घरेलू गंतव्यों के लिए भी नियमित कमर्शियल फ्लाईट नहीं चलती थी। हालांकि 2019 में जब प्रयागराज में कुंभ मेले का आयोजन हुआ तब यहां आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने का काम शुरू किया गया। साल 2019 में प्रयागराज एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल भी बना।
बता दें, वर्तमान में प्रयागराज में एयर ट्रैफिक कंट्रोल वायु सेना के पास है। रात में विमानों का संचालन करने के लिए वायु सेना की अनुमति की जरूरत थी जो पिछले साल दिसंबर में ही मिल गयी। प्रयागराज एयरपोर्ट पर दो नए टैक्सी बे की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही 15 जनवरी से नया टर्मिनल भी शुरू हो जाएगा। एयरपोर्ट की पार्किंग में 15 विमान एक साथ खड़े हो सकेंगे। प्रयागराज एयरपोर्ट के नए टर्मिनल को बनाने की लागत करीब ₹217 करोड़ आयी है।



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