काशी को महादेव की नगरी कहा जाता है। इस वजह से महाशिवरात्रि पर वाराणसी में शिवभक्तों की जो धूम मचती है, वैसी दुनिया के किसी भी और शहर में संभवतः नहीं होती। इसके साथ ही इस साल महाशिवरात्रि के दिन यानी 26 फरवरी को ही प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का भी समापन होने वाला है। इस वजह से हर साल की तुलना में इस साल कई गुना ज्यादा श्रद्धालुओं का हुजूम महाशिवरात्रि के दिन बनारस में उमड़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
इस बात को ध्यान में रखते हुए ही काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की तरफ से कई महत्वपूर्ण फैसले और कई खास इंतजाम किये गये हैं। जो न सिर्फ भीड़ को नियंत्रित बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेंगे।

VIP दर्शन बंद
महाशिवरात्रि के मौके पर महादेव के द्वादश ज्योतिर्लिंग में शामिल काशी विश्वनाथ मंदिर में न सिर्फ बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि विदेशों और विभिन्न अखाड़ों के साधु-सन्यासी, संत, नागा साधु आदि के पहुंचने की संभावना जतायी गयी है। बताया जाता है कि साधु-सन्यासियों और नागा साधुओं की अत्यधिक भीड़, जो महादेव का दर्शन-पूजन करने के बाद उनकी शोभा यात्रा निकालेंगे, की वजह से महिलाओं, बच्चों और उम्रदराज लोगों के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती है।
अत्यधिक गर्मी और उमस होने की वजह से परिस्थिति और भी अधिक खराब होने की संभावना पैदा हो जाती है। इसलिए मंदिर में VIP दर्शन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया गया है। बताया जाता है कि महाशिवरात्रि से एक दिन पहले से लेकर महाशिवरात्रि के एक दिन बाद तक यानी 25 से 27 फरवरी तक काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी।
काशी में यह जगह होगा नो-व्हीकल ज़ोन
वाराणसी में महाशिवरात्रि और महाकुंभ की वजह से आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई व्यवस्थाएं की हैं। मीडिया रिपोर्ट में काशी ज़ोन के पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल के हवाले से बताया गया है कि वाराणसी में कुल 55 जगहों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। काशी विश्वनाथ धाम परिसर को ज़ोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है।
दशाश्वमेघ घाट तक बैरिकेडिंग को मजबूत बनाया गया है और गोदौलिया से मैदागिन चौराहे तक को 'नो व्हीकल ज़ोन' घोषित किया गया है। बड़ी गाड़ियों को मंदिर में जाने वाले रास्ते पर 3 किमी पहले ही रोक दिया जाएगा। बताया जाता है कि वाराणसी में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 8 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 24 ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर, 164 हेड कॉन्सटेबल और 300 से अधिक होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है।

मंदिर 32 घंटे खुली रहेगी लेकिन...
इस साल काशी विश्वनाथ मंदिर में महादेव अपने भक्तों को लगातार 32 घंटों तक दर्शन देंगे। News18 की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भोर में मंगला आरती के बाद बाबा विश्वनाथ के कपाट भक्तों के लिए खोल दिये जाएंगे। उसके बाद से भक्त लगातार मंदिर में जाकर महादेव के दर्शन कर सकेंगे।
अगले दिन दोपहर के समय सीधे भोर आरती होगी, उसके बाद ही कपाट को बंद किया जाएगा। लेकिन सुगम दर्शन और अन्य आरतियों के टिकट कैंसिल कर दिये गये हैं। इस वजह से किसी भी वीआईपी को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिलेगी। महाशिवरात्रि के दिन 12 बजे के बाद जब साधु-सन्यासी महादेव का दर्शन करने लगेंगे, तब आम श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। भगवान शिव की बारात 27 फरवरी को निकाली जाएगी।
गंगा आरती पर रोक
महाशिवरात्रि और महाकुंभ मेले के मद्देनजर गंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ उमड़ने की संभावनाओं के मद्देनजर 26 फरवरी (महाशिवरात्रि) को गंगा आरती को स्थगित रखने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए शाम 6 बजे के बाद नाव के संचालन पर भी रोक लगा दी गयी है।
वृद्ध और दिव्यांगों को धाम में व्हीलचेयर पर लेकर जाने की व्यवस्था की गयी है। गोदौलिया और मैदागिन से लोग गोल्फ कार्ट या ई-रिक्शा से मंदिर तक आ सकते हैं। जो वृद्धजन अपने परिवार के साथ महादेव के दर्शन के लिए जाएंगे, उन वृद्धजनों को परिवार की सहमती से जल्दी दर्शन करवाकर धाम क्षेत्र से बाहर निकाल दिया जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications














