विदेशियों के साथ-साथ खुद भारतीयों को ही भारत की सभी जगहों के बारे में पता नहीं होगा। इस देश में कई खूबसूरत और विविध स्थल हैं। हर साल घूमने के लिए भारत में अलग-अलग जगहें मौजूद हैं।
हम में से कई लोग न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए गोवा या कसोल जाने के बारे में सोचते हैं या फिर बैंगलोर से कुर्ग की ट्रिप प्लान करते हैं। इस बात में कोई शक नहीं है कि ये जगहें बहुत खूबसूरत हैं।
आज हम आपको उन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अगर आप साल 2017 में घूम चुके हैं तो अगले साल में वैसी ही दूसरी जगह जा सकते हैं।

जयपुर की जगह बूंदी
राजस्थान के हदोती क्षेत्र में स्थित बूंदी शहर अपने शानदार किलों, महलों और स्टैपवैल यानि बावड़ी के लिए मशहूर है। इस खूबसूरत शहर में आपको कई झीलें, नदियां, मंदिर, पहाड़ और बाज़ार देखने को मिलेंगें। इन जगहों पर आकर आपको इस शहर के पुराने समय की याद आ जाएगी।Pc:Antoine Taveneaux

मुन्नार की जगह वागामोन
केरल के कोट्टयम शहर से 65 किमी दूर है शांति में बसा वागामोन शहर। इस पहाड़ी इलाके के बारे में लोगों को कम ही पता है और ये शहर घाटियों, घास के मैदान, चाय के बागान, हरियाली, पाइन के जंगलों से घिरा है।
इस जगह पर फूलों और ऑर्चिड की सघन आबादी देखने को मिलती है। यहां पर आप ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेनियरिंग और रॉक क्लाइंबिंग आदि कर सकते हैं।

मनाली की जगह नग्गार
ब्यास नदी के तट पर 2,047 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नग्गार, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का एक ऐतिहासिक शहर है। 1400 साल पहले ये शहर कुल्लू के राजाओं की राजधानी हुआा करता था।
इसके अलावा यहां पर सांस्कृतिक समृद्धि और वास्तुकला शैली के कई उदाहरण देखे जा सकते हैं।Pc:Ashish Gupta

कसोल की जगह बरोट
मंडी जिले के जोगिंदर नगर से 40 किमी दूर स्थित छोटा सा गांव है बरोट। इस क्षेत्र में मछली पालन की अनेक फार्म हैं इसलिए ये जगह आने वाले दिनों में प्रमुख एंगलिंग डेस्टिनेशन बन सकती है।
बरोट और नारगु वन्यजीव अभ्यारण्य में उह्ल नदी बहती है। इस अभ्यारण्य में कई वन्यजीवों की कई प्रजातियां जैसे काले रंग का भालू, घोरल और मोनाल आदि देख सकते हैं। इसके घने जंगलों में हाइकिंग भी की जा सकती है और आप फिशिंग का मज़ा भी ले सकते हैं।
Pc:Travelling Slacker

कुर्ग की जगह चिकमगलूर
मुल्लयानगिरि की तलहटी में बसा हिल स्टेशन है चिकमगलूर। इस पहाड़ी इलाके में कई कॉफी के बागान हैं जिनमें से कई में रहने की सुविधा भी उपलब्ध है।
यहां हरी घास के मैदान, झरने और भद्रा वन्यजीव अभ्यारण्य देख सकते हैं। इस अभ्यारण्य में बाघ, चीता, हाथी और स्पॉटेड डियर देख सकते हैं।Pc:prashantby

गंगटोक की जगह लाछुंग
तिब्बत की सीमा के पास सिक्किम राज्य मं स्थित छोटा सा पहाड़ी इलाका है लाछु्ंग। ये गांव गंगटोक से 100 किमी दूर स्थित है और यहां पर 19वीं सदी का लाछुंग मठ भी स्थापित है। यहां पर आपको कई झरने, पाइन के जगल और गर्म झरने आदि देख सकते हैं जो आपके मन को पूरी तरह से तरोताज़ा कर देंगें।Pc:Nadeemmushtaque



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