Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »अगले 1000 सालों तक सुरक्षित रहेगा राम मंदिर का हर दरवाजा, जानिए कैसे होगा यह संभव!

अगले 1000 सालों तक सुरक्षित रहेगा राम मंदिर का हर दरवाजा, जानिए कैसे होगा यह संभव!

घड़ी की टिक-टिक जारी है और राम मंदिर का उद्घाटन होने में महज कुछ घंटों का समय शेष रह गया है। अगले कुछ घंटों में राम भक्तों का पिछले 500 सालों का लंबा इंतजार खत्म हो जाएगा। राम मंदिर का निर्माण न सिर्फ भक्ति व श्रद्धा बल्कि अयोध्या के विकासात्मक उड़ान और शिल्पकला के दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है।

ram mandir decoration

पूरी तरह से पत्थरों को तराशकर बनाए गये राम मंदिर के हर एक कण को खास बनाने की कोशिश की गयी है। राम मंदिर का निर्माण इतनी मजबूती के साथ करने का प्रयास किया गया है कि अगले कम से 1000 सालों तक इसको कोई भी नुकसान न हो। सिर्फ मंदिर ही नहीं बल्कि राम मंदिर के दरवाजे भी अगले 1000 सालों तक मजबूती के साथ टिके रहेंगे। कुछ ऐसा ही दावा किया है राम मंदिर के लिए दरवाजे बनाने वाली तेलंगाना की कंपनी ने।

राम मंदिर के लिए दरवाजे बनाने की जिम्मेदारी तेलंगाना की कंपनी अनुराधा टिंबर्स इंटरनेशनल को सौंपी गयी है। कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर शरतबाबु ने मीडिया में दिये अपने एक इंटरव्यू के दौरान राम मंदिर में लगाये जाने वाले दरवाजों और इसकी खासियतों का खुलासा किया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि राम मंदिर के दरवाजों को अगले 1000 सालों तक पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए उनकी कंपनी ने कौन-कौन से कदम उठाए हैं।

stunning ram temple ayodhya

जिस कंपनी को राम मंदिर के लिए दरवाजे बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, उक्त कंपनी मूल रूप से लकड़ी का व्यापार, आयात-निर्यात करती है। पिछले 5 सालों से कंपनी ने मंदिरों के लिए दरवाजे डिजाइन व तैयार करने का काम शुरू किया है। तेलंगाना समेत देशभर के कई मंदिरों के लिए इस कंपनी ने दरवाजे डिजाइन किये हैं। उक्त कंपनी तीन पीढ़ियों से लकड़ी का व्यापार कर रही है।

200 दरवाजे और लगेंगे

ram mandir view at night

कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर शरतबाबु ने मीडिया से हुई अपनी बातचीत में बताया कि अयोध्या के राम मंदिर के भूतल में अब तक कुल 18 दरवाजे लगाये जा चुके हैं। ये दरवाजे मंदिर के गर्भगृह, मंडप व अन्य जगहों पर लगाये गये हैं। इन 18 दरवाजों में 14 दरवाजे ऐसे हैं जिनपर सोने की परत चढ़ायी गयी है। बाकी के 4 दरवाजे लकड़ी के ही लगाये गये हैं। परकोटे पर 9 दरवाजे लगाये जाएंगे, जिन्हें तैयार करने का काम अभी जारी है। मुख्य मंदिर में कुल 127 दरवाजे लगाये जाएंगे। अगले 1-2 सालों में, जब तक मंदिर पूरी तरह से तैयार नहीं हो जाता है, राम मंदिर में और 200-300 दरवाजे लगाए जाएंगे।

आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण

flower decoration and security at ayodhya

राम मंदिर पूरी तरह से आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण है। मंदिर में लगी हर एक चीज से लेकर दरवाजे, दरवाजों की लकड़ियां, उन्हें तैयार करने के मशीन से लेकर मजदूर तक हर कोई भारत का और भारत में ही बना है। राम मंदिर में किसी भी विदेशी वस्तु का इस्तेमाल नहीं किया गया है। राम मंदिर में महाराष्ट्र से मंगायी गयी सागवान की लकड़ियों से दरवाजे और दरवाजों के फ्रेम तैयार किये जा रहे हैं।

किन मानदंडों पर किया गया लकड़ी का चुनाव

शरतबाबु का कहना है कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि राम मंदिर के दरवाजे कम से कम 1000 सालों तक सुरक्षित रहे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ही दरवाजे बनाने के लिए लकड़ी का चुनाव भी किया गया। राम मंदिर के दरवाजों के लिए लकड़ी चुनने के काम में देहरादून के वन विभाग ने हमारी मदद की। उन्होंने कहा कि हालांकि हम पिछले लंबे समय से लकड़ी के व्यवसाय से ही जुड़े हुए हैं।

ram mandir decoration site

इसलिए हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ लकड़ी का चुनाव करना आसान भी हो गया था। शरतबाबु का कहना है कि मंदिर के दरवाजों पर भी नागर शैली के आधार पर ही सभी डिजाइन तैयार किये गये हैं, जिस शैली पर मंदिर का निर्माण हुआ है। दरवाजों पर खुशमिज़ाज हाथी, कमल के फुल, विभिन्न प्रकार के दूसरे फुल, भगवान के वाहन जो उन्हें दरवाजे से होकर मंदिर में प्रवेश करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं, को उकेरा गया है।

1000 सालों तक कैसे सुरक्षित रहेंगे दरवाजे?

golden doors of ram mandir ayodhya
  • राम मंदिर के दरवाजे बनाने के लिए 100-200 पेड़ों में से महज 10 या 20 तनों का ही चुनाव किया गया है।
  • ये सिर्फ वहीं तने थे, जो हमारे मानदंडों पर पूरी तरह से खड़े उतरे।
  • दरवाजे बनाने के लिए सागवान के 80-100 साल पुराने पेड़ों का चुनाव किया गया था। हालांकि उससे पुराने पेड़ भी ढूंढे गये थे लेकिन नहीं मिल सकें।
  • 80-100 साल पुराने जो भी पेड़ मिले उसका वहीं हिस्सा सिर्फ दरवाजा या फ्रेम बनाने में इस्तेमाल किया गया जो उच्च गुणवत्ता वाले थे।
  • एक-एक पेड़ या लकड़ी के तना का महज 20% उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी का इस्तेमाल ही दरवाजों के निर्माण में किया गया।
  • हर एक दरवाजे को तैयार करते समय इस बात का ख्याल रखा गया है कि वह शत-प्रतिषत दोष रहित हो, ताकि 1000 सालों तक वह टिक सकें।
  • राम मंदिर के लिए दरवाजे बनाने में करीब 60 कारीगरों की टीम दिन-रात लगे हुए हैं।
  • सभी कारीगर तमिलनाडु, महाबलिपुरम, कन्याकुमारी से हैं। सभी कई पीढ़ी से लकड़ी का काम करते आ रहे हैं।

More News

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+