एक ज़िम्मेदार पर्यटक की क्या जवाबदेही होती है? शुरूआती दौर में ज़िम्मेदार पर्यटन एक ऐसा विषय है जो व्यापक रूप से प्रचलन में है ताकि पर्यटन का अनुभव गेस्ट और होस्ट दोनों के लिए अच्छा हो। जब एक इंसान पर्यटन के लिए निकलता है तो वह जहाँ जाता है उस जगह से एक जुड़ाव बनाना चाहता है और वहाँ की अच्छी यादें लेकर वापस आना चाहता है।एक पर्यटक तब आनंददायक होटल के बारे में नहीं सोचता पर एक ऐसी जगह की तलाश करता है जो उस जगह के मध्य में बसा हो।\
सबसे पहले ज़िम्मेदारी शब्द पर ध्यान देते हैं। इस शब्द का सीधा साधा मतलब है उत्तर देने की क्षमता। ज़िम्मेदार पर्यटन के लिए पर्यटक के अच्छे स्वभाव का होना ज़रूरी है और पूरी यात्रा के दौरान उन्हें तीन मुख्य मोर्चे पर उत्तर देती रहना चाहिए।
आर्थिक मोर्चा
सामाजिक मोर्चा
प्राकृतिक मोर्चा

अगर एक पर्यटक इन तीन मोर्चों पर सही तरीके से प्रतिक्रिया व्यक्त करता है तो किसी भी स्टेज पर उसे कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय परम्परा का संरक्षण और आपसी आदरभाव की भावना भी ज़िम्मेदार पर्यटन की नींव रखता है।
एक बच्चे की तरह उन जगहों को लेकर उत्सुकता रखें। भारत के धार्मिक ग्रंथों में यह कहा गया है कि उस जगह जाने से कोई फायदा नहीं जहाँ की जानकारी आपको पहले से नहीं है। आपको उस जगह के महत्व या फिर वहाँ से जुड़ी पौराणिक कथाओं के बारे में जानकारी पहले से इकठ्ठा करनी चाहिए ताकि आपकी यात्रा और भी मनोरंजक हो।
एक बार आप गंतवय तक पहुँच जाते हैं, वहाँ के स्थानीय लोगों के साथ रहें और उन्हें बिना टोके उनकी नित्य क्रिया को देखें। उनके साथ जीवन और उसके जीने के तरीके को लेकर विचार करें। ज़िम्मेदार पर्यटन को विकसित होने और अपनी जगह बनाने में समय लगा।एक मज़बूत रिश्ता बनाने के लिए यात्रा करें, स्थानीय लोगों के साथ हंसें और असमानता को समझें और समानता की तारीफ करें।

भारत में अभी ज़िम्मेदार पर्यटन की पकड़ उतनी मज़बूत नहीं है जितनी दूसरे देशों में है। पर वह केरल पर्यटन है जिसने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है और उत्तर देने की क्षमता को सराहा है। भगवान के अपने देश में कभी न ख़त्म होने वाले प्राकृतिक संसाधन हैं और अटल साम्प्रदायिक सहारा है। कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान के साथ केरल टूरिज्म ने भारत में ज़िम्मेदार पर्यटन के मामले में पथप्रदर्शक का काम किया है।

कुमारकोम, वायनाड, कोवलम और थेक्कडी कुछ ऐसी जगहें हैं जहाँ ज़िम्मेदार पर्यटन कैंपेन को पहले जांचा और परखा गया। यह इन जगहों में इतना अच्छा चला कि पर्यटन सम्बन्धी गतिविधियां काफी बढ़ गयीं और इसके साथ ही आर्थिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से स्थानीय समृद्धि को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचा। स्थानीय खज़ाना बढ़ा है खेती में उपज, निश्चित मार्केट क्षेत्र और अच्छे रोज़गार दर से। कला से लेकर खाने तक पर्यटन से सब समृद्ध हो गया।
पर्यटक गाँव की गतिविधियों में हिस्सा लेकर ऊर्जा बचाने के परिणाम और नारी उत्थान प्रोग्राम का समर्थन करते हैं। ज़िम्मेदार पर्यटन के लिए जागरूक होना बहुत ज़रूरी है। नेटिव प्लानेट में हम यह कामना करते हैं कि आप सब इस ज़िम्मेदार पर्यटन की यात्रा पर निकलें। हर यात्रा को आपको देने को काफी कुछ है।इन यादों को अपने साथ ले जाएँ और पीछे छोड़ें तो सिर्फ अपने पदचिन्ह।
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