क्या आप यकीन करेंगे कि आप नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली के सराय काले खान तक का सफर 1 घंटे से भी कम समय में पूरा कर सकेंगे! या नोएडा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एयरोसिटी, दिल्ली पहुंचने में आपको मात्र 66 मिनट का समय लगेगा।
जी हां, हम कोई कल्पना नहीं बल्कि आपको भविष्य दिखा रहे हैं। ऐसा संभव होगा हाई स्पीड रैपिड रेल के माध्यम से।

हाल ही में नेशनल कैपिटल रिजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के पास 72 किमी लंबे रैपिड रेल मेट्रो कॉरिडोर का डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR जमा किया है। रैपिड रेल मेट्रो का यह कॉरिडोर गाजियाबाद को नोएडा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगा। इस बाबत Indian Express की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह DPR फिर से बनायी गयी रिवाइज्ड DPR है। अधिकारियों ने उम्मीद जताते हुए कहा कि नयी रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल से पारित कर इसपर काम शुरू करने की अनुमति दे दी जाएगी।
YEIDA के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि DPR को उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेज दिया गया है। इस पर आखिरी फैसला उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल को ही लेना होगा। मंत्रिमंडल ही इस बात को तय करेगी कि कौन सा विभाग इस परियोजना में कितना फंड लगाएगा। उन्होंने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही इस DPR को पारित कर देगी।
क्या-क्या है DPR में प्रस्तावित?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह परियोजना दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल को गाजियाबाद, एक्वा लाइन मेट्रो को चार मूर्ति चौक और नोएडा एयरपोर्ट को ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर में जोड़ेगा। इसमें कुल 22 स्टेशन होंगे, जिसमें 11 स्टेशन रैपिड रेल-कम- मेट्रो और बाकी के सभी स्टेशन सिर्फ मेट्रो स्टेशन होंगे। भविष्य में इसमें 13 और स्टेशनों को जोड़ने का प्रावधान भी रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसमें से अधिकांश कॉरिडोर एलिवेटेड ही होगा। सिर्फ नोएडा एयरपोर्ट के पास आखिरी स्टेशन भूमिगत बनाया जाएगा।
बताया जाता है कि प्रस्तावित DPR में रैपिड रेल मेट्रो गाजियाबाद स्टेशन से शुरू होगी। यह विश्वकर्मा रोड (गाजियाबाद में सिद्धार्थ विहार/प्रताप विहार), ताज हाईवे, चार मूर्ति चौक और ग्रेटर नोएडा लिंक रोड (नॉलेज पार्क 5) के साथ-साथ चलेगी। इसके बाद यह सुरजपुर-कसना रोड की ओर मुड़कर परी चौक, डंकौर, YEIDA सेक्टर 18, YEIDA सेक्टर 21 से होते हुए ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विपरित टर्मिनल 1) में खत्म होगी।

मिलेंगी दो तरह की सेवाएं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित DPR में यात्रियों को दो तरह की सेवाएं देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें से एक रैपिड रेल सेवा होगी जो चुनिंदा स्टेशनों पर रुकेगी। रैपिड-रेल 114 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी। दूसरी सेवा मेट्रो होगी जो सभी स्टेशनों पर रुकेगी और इसकी रफ्तार 46 किमी प्रतिघंटा होगी।
बताया जाता है कि रैपिड-रेल फास्ट सर्विस से नोएडा इंटरनेशन एयरपोर्ट से सराय काले खान तक पहुंचने में 56 मिनट, दिल्ली एयरोसिटी पहुंचने में 66 मिनट, गाजियाबाद तक पहुंचने में 37 मिनट और मेरठ पहुंचने में 72 मिनट का समय लगेगा। वहीं सामान्य रैपिड रेल (84 किमी प्रतिघंटा) से इन दूरियों को ही तय करने में 13 मिनट का अतिरिक्त समय लगेगा।
कितनी लागत और कब पूरा होगा निर्माण?
बताया जाता है कि प्रस्तावित रैपिड रेल मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद प्रतिदिन इससे होकर लगभग 3.26 लाख यात्री पीक आवर के दौरान यात्रा करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार रैपिड रेल मेट्रो के इस प्रस्तावित कॉरिडोर का निर्माण लगभग ₹20,637 करोड़ की लागत से होगा। इसे पूरा बनने में लगभग 5 सालों का समय लगने की संभावना है।



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