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ऑफिस की बोरियत भगाने के लिए वीकेंड पर घूमे कर्नाळा

By Namrata Shatsri

मुंबईवासियों और पुणे वासियों के कर्नाळा एक परफेक्ट वीकेंड हॉलिडे डेस्टिनेशन है। किलों से समर्द्ध यह शहर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित है। यह जगह टूटे फूटे किलों के साथ साथ अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के चलते भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

लॉन्ग वीकेंड सैर करें आमची मुंबई

सैलानी कर्नाळामें 13 सेंचुरी फोर्ट और पक्षी अभ्‍यारण्‍य को देख सकते हैं..इस बर्ड सेंचुरी में कई प्रवासी और स्‍वदेशी पक्षी पाए जाते हैं। घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में बसी ये जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए बहुत खास है। शहर की भागदौड़ और व्‍यस्‍त जीवनशैली से कुछ दिन चुराकर यहां आने पर मन का सुकुन मिलता है। ये जगह काफी शांत है।

कैसे पहुंचे कर्नाळा?

कैसे पहुंचे कर्नाळा?

सड़क मार्ग : कर्नाळा पहुंचने का सबसे सही साधन सड़क मार्ग ही है। ये शहर सड़क द्वारा अन्‍य शहरों से जुड़ा हुआ है। करनाल के लिए देश के प्रमुख शहरों और राज्‍यों से नियमित बसें चलती हैं।

करनाल आने का सही समय : सालभर में कभी भी कर्नाळा आ सकते हैं।PC:Dupinder singh

रूट गाइड मैप

रूट गाइड मैप

मुंबई से कर्नाळाकी दूरी लगभग 48.3 है। मुंबई से कर्नाळा के तीन रूट हैं जो इस प्रकार हैं :

रूट 1 : मुंबई - नवी मुंबई - पनवेल - पेठ - कर्नाळा तक मुंबई-पुणे राजमार्ग

रूट 2 : मुमबी - नवी मुंबई - सीवुड्स - पेठ -कर्नाळा तक मुंबई-पुणे राजमार्ग

रूट 3 : मुंबई - पूर्वी मुलुंड - नवी मुंबई - कमोथे - पनवेल -कर्नाळा तक मुंबई-आगरा राजमार्ग

पहले रूट से मुंबई-पुणे हाईवे से जाने पर आपको लगभग 1.5 घंटे का समय लगेगा। इस रूट पर लोकप्रिय शहर नवी मुंबई और पनवेल आदि पड़ेंगें।

इस रूट की सभी सड़कें व्‍यवस्थित हैं और 48.3 किमी का ये सफर काफी आसानी से कट जाएगा।

दूसरे रूट पर मुंबई से करनाला के लिए मुंबई-पुणे हाईवे से 51 किमी की दूरी तय करने आपको लगभग 2 घंटे का समय लगेगा।

तीसर रूट पर मुंबई-आगरा हाईवे से 60 किमी की दूरी तय करने में 2 घंटे का समय लगेगा।

पनवेल में कहां रूकें?

पनवेल में कहां रूकें?

ट्रैफिक और जाम से बचने के लिए मुंबई से सुबह जल्‍दी निकलें। रास्‍ते में हाईवे पर नाश्‍ते के लिए रूककर वड़ा पाव, मसाला पाव और पोहा खा सकते हैं।

पनवेल शहर अपने किलों के लिए भी मशहूर है। इसे कोंकण तट का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है एवं यह नवी मुंबई का सबसे भीड़भाड़ वाले शहरों में से एक है।

ये शहर 300 साल से भी ज्‍यादा पुराना है और इसे मुगल शासन के दौरान बनाया गया था बाद में ये ब्रिटिश सरकार के कब्‍जे में था।

PC:Bhanu1313

दो प्रमुख गणेश मंदिर

दो प्रमुख गणेश मंदिर

इस शहर में महाराष्‍ट्र के दो प्रमुख गणेश मंदिर हैं जिनमें बल्‍लाललेश्‍वर मंदिर और वरादविनायक मंदिर प्रमुख हैं। भगवान गणेश के आठ मंदिरों में से एक बल्‍लालेश्‍वर मंदिर की खासियत यह है कि इस मंदिर में देवता अपने भक्‍त के नाम बल्‍लाल के नाम से जाने जाते हैं।

गणेश जी के आठ मंदिरों में से एक वरादविनायक मंदिर भी है जिसे 1725 ईस्‍वी में रामजी महादेव बिवलकर द्वारा बनवाया गया था।

PC:Borayin Maitreya Larios

गंतव्‍य : कर्नाळा

गंतव्‍य : कर्नाळा

मुंबई और पुणे शहर में रहने वाले लोगों को प्रदूषण और व्‍यस्‍त जीवनशैली थका देती है। ऐसे में शहरवासी वीकेंड पर करनाल घूमने आ सकते हैं। ये शहर प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर है। इस शहर की खुली हवा में सांस लेकर लोग खुद को तरोताज़ा महसूस करते हैं।

यहां पर कर्नाळा पक्षी अभ्‍यारण्‍य के परिसर में स्थित करनाला फोर्ट को फंल फोर्ट फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। करनाला फोर्ट में दो किले हैं जिनमें से एक का स्‍तर ऊंचा और एक निचले स्‍तर पर स्थित है।

PC:Dineshkannambadi

अन्‍य प्रमुख आकर्षण

अन्‍य प्रमुख आकर्षण

इस किले की चोटी तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी होती है, जिसे दो घंटे में पूरा किया जा सकता है, चोटी से नीचे आने में करीबन एक से डेढ़ घंटे का वक्त लगता है। चड़ाई आसान है, लेकिन मानसून के दिनों में पहाड़ी पर फिसलन बढ़ जाती है।

4.8 स्‍क्‍वायर किमी के क्षेत्रफल में फैले करनाल पक्षी अभ्‍यारण्‍य में 150 से ज्‍यादा प्रजा‍ति के स्‍वदेशी पक्षी और 37 प्रकार के प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं।

इस अभ्‍यारण्‍य के जंगल पर्णपाती वृक्षों से भरे हैं और वन विभाग आगंतुकों को जंगल के अंदर वृक्षों के बारे में जानकारी देने का प्रयास करता है।

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