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कई आदिम सभ्यताओं को अपने में बहुत कुछ संजोये हुए हैं भारत के ये टॉप 5 प्राचीन शहर

By Super

आज भारत का शुमार विश्व के उन देशों में है जहां आपको कुछ अत्यंत प्राचीन सभ्यताओं के अवशेषों के दर्शन होंगे,चाहे सिंधु घाटी सभ्यता हो या फिर हड़प्पा और मोहन जोदड़ो के अवशेष इन सभी ने हमेशा इतिहास वास्तु और पुरातत्त्व में रूचि रखने वालों को अपनी तरफ आकर्षित किया है। साथ ही यदि इन सभ्यताओं और संस्कृतियों को ध्यान से देखें तो मिलता है कि इन संस्कृतियों के चलते देश का इतिहास भी एक हद तक काफी मज़बूत हुआ है। ज्ञात हो कि वर्तमान में इन सभ्यताओं के अवशेष या तो खंडहरों के रूप में है या फिर कलाकृतियों के रूप में। तो इसी क्रम में आज अपने इस लेख के जरिये हम आपको अवगत कराने जा रहे हैं भारत के कुछ सबसे प्राचीन शहरों से जो अपने में अलग अलग संस्कृतियों और सभ्यताओं को रखे हुए हैं।

Read in English: Travel to the 5 Oldest Cities in India.

गौरतलब है कि भारत में मौजूद ये प्राचीन शहर जहां एक तरफ धर्म की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं तो वहीं आज ये एक बड़े कॉमर्शियल हब के तौर पर भी जाने जाते हैं। आज अपने इस लेख में हमने जिन शहरों का वर्णन किया है उनकी एक ख़ास बात ये भी है कि इनके नाम आपको वेदों और पुराणों में भी मिल जाएंगे।

तो अब देर किस बात की आइये जाना जाए उन टॉप 5 प्राचीन शहरों को जो जहां एक तरफ धर्म की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं तो वहीं अपनी सुंदरता और बेमिसाल वास्तु के चलते हर साल देश दुनिया के लाखों पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं।

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वाराणसी

वाराणसी को बनारस और काशी के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर, दुनिया में सबसे प्राचीन और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है। इस शहर को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। आपको बताते चलें कि भगवान शिव, हिंदुओं के प्रमुख देवता है जिन्‍हे सृजन और विनाश का प्रतीक माना जाता है। वाराणसी, हिंदू धर्म के सबसे पवित्रतम शहरों में से एक है।

इस शहर को लेकर हिंदू धर्म में बड़ी मान्‍यता है कि अगर कोई व्‍यक्ति यहां आकर मर जाता है या काशी में उसका अंतिम सस्‍ंकार हो, तो उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है यानि उस व्‍यक्ति को जन्‍म और मृत्‍यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। इसीलिए, इस जगह को मुक्ति स्‍थल भी कहा जाता है।

वाराणसी के बारे में लोगों का अटूट विश्‍वास है कि यहां बहने पवित्र नदी गंगा में यदि डुबकी लगा ली जाएं तो सारे पाप धुल जाते हैं। यदि बात वाराणसी के अंतर्गत पर्यटन के आयामों कि हो तो यहां ऐसा बहुत कुछ है जिसके चलते देश और विदेश से पर्यटक यहां आते हैं।

Photo Courtesy: Achilli Family | Journeys

पुष्कर

पुष्‍कर, भारत के सबसे पवित्र शहरों में से मान्‍यता प्राप्‍त शहर है। यह अजमेर शहर से 14 किमी. दूर है। इस पवित्र शहर के संदर्भ में 4 सदी के चीनी यात्री फा- हियान के यात्रा वृत्‍तांत से और भारत पर मुगलों द्वारा किए गए हमले की अवधि के दौरान लिखे गए लेखन से पता चलता है। एक प्रख्‍यात भारतीय कवि कालिदास ने अपनी प्रसिद्ध रचना अभिज्ञान शाकुंतलम में पुष्‍कर को काफी वरीयता दी है।

इस छोटे से शहर में 400 से अधिक मंदिर और 52 घाट हैं। पुष्‍कर में स्थित ब्रहमा मंदिर, भारत में भगवान ब्रहमा को समर्पित कुछ मंदिरों में से एक है। पुष्‍कर के अन्‍य प्रसिद्ध मंदिरों में वारह मंदिर, अप्‍टेश्‍वर मंदिर और सावित्री मंदिर हैं।

इस जगह, पवित्र पुष्‍कर झील एक और धार्मिक आकर्षण है जिसकी उत्‍पत्ति के पीछे एक पौराणिक कथा है। इसके अलावा ये शहर अपने पशु मेले के लिए भी जाना जाता है।

Photo Courtesy: Koshy Koshy

उज्जैन

उज्जैन एक एतिहासिक शहर है जो मध्य प्रदेश के उज्जैन जि़ले में स्थित है। इसे उज्जयिनी के रूप में भी जाना जाता है जिसका मतलब है गौरवशाली विजेता। उज्जैन धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है और उज्जैन पर्यटन मुख्य रूप से अपने प्रसिद्ध प्राचीन मंदिरों के लिए देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह शहर शिप्रा नदी के किनारे स्थित है और शिवरात्रि, कुंभ और अर्ध कुंभ मेलों के लिए प्रसिद्ध है।

इस शहर से अनेक पौराणिक कथाएँ जुड़ी हैं। एक समय उज्जैन में अशोका और विक्रमादित्य जैसे शासकों का शासन था। प्रसिद्ध कवि कालिदास ने भी इस जगह पर अपनी कविताएँ लिखी थी। वेदों में भी उज्जैन का उल्लेख किया गया है और ऐसा माना जाता है कि स्कंद पुराण के दो भाग इसी जगह पर लिखे गए थे।

गौरतलब है कि महाभारत में उज्जैन का उल्लेख अवंती राज्य की राजधानी के रूप में किया गया है। उज्जैन पर्यटन अपने यात्रियों के लिए कुछ प्रसिद्ध आकर्षण प्रदान करता है। चिंतामणि गणेश मंदिर, बड़े गणेश जी का मंदिर, हरसिद्धि मंदिर, विक्रम कीर्ति मंदिर, गोपाल मंदिर तथा नवग्रह मंदिर कुछ प्रसिद्ध मंदिर हैं।

Photo Courtesy: Bernard Gagnon

मदुरई

मदुरई दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। वैगई नदी के किनारे स्थित मंदिरों का यह शहर सबसे पुराने बसे हुए शहरों में से एक है। शहर के उत्तर में सिरुमलाई पहाड़ियां स्थित हैं तथा दक्षिण में नागामलाई पहाड़ियां स्थित हैं। मदुरई का नाम "मधुरा" शब्द से पड़ा जिसका अर्थ है मिठास। कहा जाता है कि यह मिठास दिव्य अमृत से उत्पन्न हुई थी तथा भगवान शिव ने इस अमृत की इस शहर पर वर्षा की थी।

मदुरई को अन्य कई नामों से भी जाना जाता है जैसे "चार जंक्शनों का शहर", "पूर्व का एथेंस", "लोटस सिटी" और "स्लीपलेस ब्यूटी"। इनमें से प्रत्येक नाम शहर की विशेषता को प्रदर्शित करता है।

इस शहर को लोटस सिटी कहा जाता है क्योंकि यह शहर कमल के आकार में बना हुआ है। इस शहर को "स्लीपलेस ब्यूटी" भी कहा जाता है क्योंकि इस शहर में 24x7 काम करने की संस्कृति है।

Photo Courtesy: McKay Savage

पटना

पाटलिपुत्र यानि आधुनिक समय का पटना, भारत का एक प्राचीन शहर था और आज बिहार की व्यस्त राजधानी है। ये शहर हमेशा ही अपने इतिहास और राजनीति के लिए जाना गया है। आपको बताते चलें कि इसे दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक होने का गौरव प्राप्त है और इतिहास में हमेशा से इसकी गौरवशाली उपस्थिति रही है।

पाटलिपुत्र पवित्र गंगा नदी के दक्षिणी तट के पास स्थित है। यदि बात पटना और इसके आसपास स्थित पर्यटक स्थलों की हो तो आपको बता दें कि यहां आने वाले पर्यटक वैशाली, केसरिया और बोधगया अवश्य जाएं, यहां जाकर पर्यटक बौद्ध धर्म का सुखद अहसास कर सकते हैं।

इसके अलावा ये शहर अपने मेलों और त्योहारों के चलते भी हर साल देश दुनिया के लाखों पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है।

भारत के टॉप 5 सबसे प्राचीन शहर

Photo Courtesy: Andrew Moore

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