अगले साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेले का आयोजन होने वाला है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युद्ध स्तर पर तैयारियां कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट से पिछले दिनों ही जानकारी मिली थी इलाहबाद (प्रयागराज) म्यूजियम में सुरक्षित रखे स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की पिस्तौल बमतुल बुखारा की प्रतिकृति को महाकुंभ मेला परिसर में प्रदर्शित किया जाएगा।
अब महाकुंभ मेले से जुड़ी एक नयी जानकारी सामने आयी है, जिसके मुताबिक महाकुंभ मेले में दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। कब होगा इस शानदार फेस्टिवल का आयोजन? कितनी तरह की और कौन-कौन सी प्रजातियों के पक्षियों को यहां देख सकेंगे?

कब होगा बर्ड फेस्टिवल का आयोजन?
Times Now की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार महाकुंभ मेले में फरवरी के महीने में बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। जिले प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) अरविंद कुमार के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार 1 और 2 फरवरी को यह बर्ड फेस्टिवल आयोजित करने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इको-टूरिज्म (Eco Tourism) को बढ़ावा देना और युवाओं में वन्यजीव व प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के प्रति जागरुकता पैदा करना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बर्ड फेस्टिवल आयोजित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा जा चुका है।

90 प्रजातियों के पक्षी दिखेंगे महाकुंभ में
इस साल महाकुंभ मेले का आयोजन 'कुंभ की आस्था, प्रकृति संरक्षण और जलवायु' के थीम पर किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों को सच मानें तो अकेले प्रयागराज शहर में ही 90 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का बसेरा है। इस दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिनके साथ परिचर्चा के लिए साधु-संत आमंत्रित होंगे। इसके साथ ही आसपास के शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी भी इसमें हिस्सा ले सकेंगे।
फोटोग्राफी के शौकिनों के लिए महाकुंभ मेले में आयोजित होने वाला बर्ड फेस्टिवल एक शानदार आकर्षण होने वाला है, क्योंकि यहां न सिर्फ उन्हें शानदार तस्वीरें खींचने का मौका मिलेगा बल्कि फोटो एग्जिबिशन भी आयोजित किया जाएगा। बताया जाता है कि इस बर्ड फेस्टिवल में प्रयागराज में दिखने वाले पक्षियों के साथ-साथ कई अन्य प्रजाति जिनमें से कुछ विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं, उन्हें भी देखने का मौका आम लोगों को मिलेगा।

खास बात है कि महाकुंभ मेले में दूर-दराज के देशों से भी बड़ी संख्या में मेहमान प्रयागराज पहुंचने की संभावना है, जिन्हें भारत की संस्कृति के साथ-साथ इस फेस्टिवल के जरिए भारत की समृद्ध प्राकृतिक संपदा के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
बता दें, प्रयागराज के संगमतट पर महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच किया जाएगा।



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