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चैत्र नवरात्र 2018: देवी दुर्गा के नाम भारतीय शहरों के नाम

शारदीय नवरात्र 2018, 18 मार्च से प्रारम्भ हो चुके हैं, जोकि 25 मार्च को खत्म होंगे। इन नौं दिनों में श्रद्धालु देवी मां के चरणों में अपना शीश नवाते हैं, उनकी सेवा और उपासना करते हैं।

हम आपकों अपने लेखों से देवी दुर्गा के प्रसिद्ध मन्दिरों के बारे में बताया ही है, लेकिन आज हम आपको अपने लेख से बताने वाले हैं भारत के कुछ ऐसे शहरों के नाम जो देवी दुर्गा के नाम से सम्बंधित हैं।

मुंबई

मुंबई

मुंबई को यह नाम देवी मुम्बा के नाम पर मिला, मुम्बा देवी मंदिर मुंबई की जावेरी बाजार रोड पर स्थित है। मूल मंदिर का निर्माण 1737 में किया गया था, जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया था। जिसके पश्चात भुलेश्वर में नए मंदिर का निर्माण करवाया गया। आपको बता दे, मुम्बादेवी मंदिर अन्य शहरों में नहीं है क्योकि ये यहाँ की निवासी / इष्ट देवी है जो इस शहर का संरक्षण करती है। ये मंदिर लगभग छः सदी पुरानी है।
Pc: Rangakuvara

चंडीगढ़

चंडीगढ़

पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ का नाम देवी चंडी के नाम पर पड़ा है। चंडी देवी मंदिर शहर से करीबन 15 किमी की दूरी पर कालका रोड पर स्थित हैं, नवरात्र के दौरान इस मंदिर में स्थानीय श्रद्धालु और पर्यटक मत्था टेकने पहुंचते हैं।

त्रिपुरा

त्रिपुरा

अगरतला की राजधानी त्रिपुरा से करीबन 55 किमी की दूरी पर स्थित प्राचीन नगर उदयपुर में एक पहाड़ी पर त्रिपुरा सुन्दरी का मंदिर स्थापित है, बताया जाता है कि, इस जगह देवी सती की माता सती के सीधे पैर के उंगलियाँ गिरी थी, जिसके निशान आज भी मौजूद है। यह मंदिर भारत के 51 महापीठों में से एक है।यह मंदिर राज्य के प्रमुख पयर्टन स्थलों में से एक है। हजारों की संख्या में भक्त प्रतिदिन मंदिर में माता के दर्शनों के लिए आते हैं।Pc: Bodhisattwa

नैनीताल

नैनीताल

मां दुर्गा का प्रसिद्ध मंदिर नैना देवी मंदिर उतराखंड के नैनीताल मेंस्थित हैं, इस मंदिर का शुमार प्रमुख शक्ति पीठों के रूप में भी होता है। यहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है। मंदिर में दो नेत्र हैं जो नैना देवी को दर्शाते हैं। नैनी झील के बारें में माना जाता है कि जब शिव सती की मृत देह को लेकर कैलाश पर्वत जा रहे थे, तब जहां-जहां उनके शरीर के अंग गिरे वहां-वहां शक्तिपीठों की स्‍थापना हुई। नैना देवी के नाम से ही इस शहर को नैनीताल नाम मिलायहां सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है।Pc:Vipin8169

मैंगलोर

मैंगलोर

दक्षिण भारत के कर्नाटक में स्थित मैंगलोर का नाम देवी मंगला के नाम पर पड़ा है। मंदिर को 9 वीं सदी में तमिलनाडु के राजा कुंदावर्मा ने बनवाया था। देवी मंगलादेवी मंदिर की मुख्य देवी हैं। नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा आयोजित की जाती हैं। नवरात्रि त्योहार के नौवें दिन पर, एक भव्य जुलूस, रथोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें देवता एक भव्य रथ पर सवार होते हैं। लोगों की यह धारणा है, कि मंगलादेवी मन्दिर में जाकर प्रार्थना करने से अच्छा समय आता है।Pc:Crazysoul

पाटन देवी मंदिर

पाटन देवी मंदिर

भारत की 51 शक्तिपीठों में से एक पाटनदेवी मंदिर बिहार के पटना में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती पर वार किया था को उनके शव की "दाहिनी जांघ" यहाँ गिरी गयी थी। वास्तविक तौर पर इस प्राचीन मंदिर को माँ सर्वानंद कारी पटनेश्वरी कहा जाता है, जिसे देवी दुर्गा का निवास्थान माना जाता है।'

श्रीनगर

श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर की शीत राजधानी श्रीनगर का का नाम देवी लक्ष्मी के नाम पर है, माना जाता है कि, कि यहां देवी लक्ष्मी खुद मंदिर शारिका देवी मन्दिर में स्थापित हुईं थी। यह मंदिर हरी पर्वत पर स्थित है, जिसे शारिका देवी मन्दिर कहते हैं। इसके अलावा इसी पर्वत पर एक गुरुद्वारा भी स्थित है। इसे छट्टी पादशाही का गुरुद्वारा भी कहते हैं जो रैनावाड़ी में स्थित है।Pc:Akshey25

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 दिल्ली

दिल्ली

कहा जाता है कि, 5000 वर्ष पूर्व दिल्ली पांडवों भाइयों द्वारा बसाई गयी थी, दिल्ली के महरोली स्थित योगमायामंदिर प्राचीन हिन्दू मंदिर है जो देवी योगमाया को समर्पित है, योगामाया भगवान श्री कृष्ण जी की बहन थी। इस मंदिर का नाम दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में आता है। श्री योगमाया में सभी त्यौहार मनाये जाते है विशेष कर दुर्गा पूजा व नवरात्र के त्यौहार पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। इस दिन मंदिर को फूलो व लाईट से सजाया जाता है। मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के दिल और दिमाग को शांति प्रदान करता है।Pc:Nvvchar

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