पहलगाम एक काफी माना जाना पर्यटक स्थल है जो जम्मू और कश्मीर राज्य के अनंतनाग जिले में स्थित है। इस गांव का इतिहास वापस हमें मध्ययुगीन काल की ओर ले जाता है , मुगलों के शासनकाल के दौरान, ये केवल चरवाहों का गाँव था। आज हम यहाँ के भोजन, कपड़े, और स्थानीय लोगों की जीवन शैली में इस जगह की समृद्ध संस्कृति की झलक पा सकते हैं। हिन्दी के अलावा, इस क्षेत्र में बोली जाने वाली अन्य भाषाओं में उर्दू, कश्मीरी, और अंग्रेजी शामिल हैं।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर राज्य के चप्पे चप्पे में सुंदरता बसी है। कह सकते हैं कि यहां का हर कोना हर जगह ऊपर वाले ने बड़ी फुर्सत से बनाई है। कहा जाता है कि इस राज्य में स्थित पहलगाम घूमने के बाद आपका मन और सोच दोनों बदल जाएंगे। Read : भानगढ़ का वो किला जिसको देख के रूह कांप जाये
शरीर में ऊर्जा और विचारों में दृढ़ता आ जाएगी। पहलगाम, समुद्री स्तर से 2923 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ज्ञात हो कि हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल जाने के लिए पहलगाम पहला पड़ाव है। तो आइये जानें की खूबसूरत पहलगाम के आस पास क्या क्या देख सकते हैं आप।

कैसे जाएं पहलगाम
श्रीनगर हवाई अड्डा पहलगाम का निकटतम हवाई अड्डा है, जोकि पहलगाम से 95किलोमीटर दूर है। यहां आने वाले पर्यटक पहलगाम पहुँचने के लिए एअरपोर्ट से टैक्सी और कैब भी ले सकते हैं। इसके अलावा पर्यटक ट्रेन और बसों के माध्यम से भी पहलगाम पहुंच सकते हैं। यदि आप रोड के माध्यम से पहलगाम की यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो आपको बता दें कि दिल्ली से पहलगाम की दूरी 828 किलोमीटर है जबकि श्रीनगर से पहलगाम 95 किलोमीटर दूर है।

ऐशमुकाम
ऐशमुकाम एक छोटा सा मंदिर है जिसे श्रीनगर से 86 किमी. दूर सूफी बाबा जैना-उद-दीन वाली के सम्मान में बनाया गया था। मंदिर में बरामदा, गुफा और गर्भ ग्रह भी बना हुआ है। साल के अप्रैल महीने में यहां एक सप्ताह तक चलने वाले त्यौहार का आयोजन किया जाता है जिसे जूल फेस्टिवल के नाम से जाना जाता है।

अरू वैली
यदि आप पहलगाम में हैं तो आपको यहां से 11 किलोमीटर दूर और समुंद्र तल से 2408 मीटर पर स्थित अरू वैली की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। इस वैली में जाने के बाद यहां के खूबसूरत नज़ारे आपका मन मोह लेंगे। यदि आप चाहें तो पहलगाम से ट्रैकिंग के जरिये भी आसानी से यहां पहुँच सकते हैं। यहां के ग्रैसलैंड भी कैम्पिंग के लिए परफेकट हैं। यहां आने वाले ट्रैकर सोनमर्ग से अरू तक का 3 दिन तक का पैकेज भी ले सकते हैं।

बाईसरन
पहलगाम से 5 किमी. की दूरी पर बाईसरन एक आकर्षक चोटी है जहां से पर्यटक बर्फ ढके पर्वत, घने जंगल और शानदार घास के मैदान को देख सकते है। पहाड़ी की चोटी पर पर्यटकों को जाने की अनुमति है जहां से लिड्डर नदी घाटी और पहलगाम घाटी स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है। आप पूरे परिवार के साथ यहां पिकनिक भी मना सकते हैं।

बेताब घाटी
प्रकृति की खूबसूरती निहारने वालों के लिए बेताब घाटी एक मस्ट विजित जगह है। ये स्थान अपनी ख़ास खूबसूरती के लिए सम्पूर्ण कश्मीर में एक ख़ास पहचान रखता है। इस स्थान एक नामकरण की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। कहते हैं बॉलीवुड फिल्म बेताब के हिट होने के बाद इस स्थान का नाम बेताब घाटी रखा गया। ज्ञात हो कि इस स्थान पर बेताब फिल्म की शूटिंग हुई थी। पहलगाम से 7 किलोमीटर दूर स्थित ये स्थान शेषनाग झील का जन्म स्थान है।

चंदनवारी
पहलगाम से 16 किमी. की दूरी पर स्थित चंदनवारी एक छोटा सा स्पॉट है जहां से ऊंचे पहाड़, झूमते पेड़ और खिलते फूल दिखते हैं। यहां घूमने आने के लिए पर्यटक निजी वाहन या मिनी बस से आएं। बड़ा वाहन यहां आना मुश्किल है।

हजन
हजन का भी शुमार कश्मीर के सबसे खूबसूरत स्थानों में है।यहां भी कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हुई है। पहलगाम के पास मौजूद ये स्थान बारामूला जिले में है।यदि आप पहलगाम में हों तो इस स्थान की यात्रा करना बिलकुल न भूलें।

कोलाहोई ग्लेशियर
कोलाहोई ग्लेशियर को हैंगिंग ग्लेशियर के नाम से भी जाना जाता है| ये ग्लेशियर लिद्दर घाटी में स्थित है।यहां जाने वालों को विशेष हिदायत दी जाती है कि वो स्थान की यात्रा पर अपना ख़ास ध्यान रखें। ये स्थान उनके लिए है जो लोग एडवेंचर से लड़ कर उसे जीतने की हिम्मत रखते हैं।

शेषनाग झील
पहलगाम से 27 कि.मी दूर और 3658 मीटर की ऊँचाई पर स्थित शेषनाग झील, अमरनाथ के प्रमुख आकर्षक स्थल में से एक है। इस स्थान का नाम हिन्दू धर्म के सात सिरों वाले नागराज, शेषनाग पर रखा गया है, और तत्व है कि इस झील के पास सात पहाडियाँ है। पहलगाम से शेषनाग जाने के लिए लग भग दो दिनों लग जाते है।

तुलियन झील
इस झील को तारसीर झील के नाम से भी जाना जाता है। पहलगाम से 15 किमी. दूर स्थित इस झील तक जाने के लिए पर्यटक टट्टू की सवारी करना पसंद करते है। यह झील साल भर बर्फ के रूप में जमी रहती है।



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