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ये हैं इंदौर के खूबसूरत वाटरफाल ...मानसून में जरुर के इनका मजा

Written By: Goldi

इन दिनों मानसून का मौसम उत्तर भारत में चरम पर है..ऐसे में वाटरफाल्स की बात ना हो तो बेकार है...इसी क्रम में आज हम आपको बतायेंगे मध्यप्रदेश के दिल यानी इंदौर के आसपास स्थित खूबसूरत वाटरफाल्स के बारे में ।

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इंदौर के आसपास या 60 किमी की रेंज में कई ऐसे खूबसूरत झरने मौजूद हैं,जहां आप वीकेंड्स में आपने दोस्तों या फैमली के साथ एन्जॉय कर सकते हैं। झरनों के आसपास फैली हरियाली मन को मन्त्रमुग्ध करती है...तो वहीं झर झर बहते झरने मन को प्रफुल्लित कर देते हैं।

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तो अगर आप इस मानसून झरना देखना चाहते हैं..तो बिना सोचे समझे इस वीकेंड अपने दोस्तों के साथ निकल पड़िए इंदौर के पास मौजूद इन खूबसूरत झरनों की सैर पर

हत्यारी खोह

हत्यारी खोह

इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर हत्यारी खोह नाम का ट्रैकिंग स्पॉट है। यहां ऊंचाई से गिरने वाला झरना और प्राकृतिक नजारे दिलों को छू जाते हैं। यहां पहुंचने के लिए कंपेल से हुए तेलीया खेड़ी में वाहन खड़ा करके करीब दो किलोमीटर ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर पैदल चलना होता है।इस जगह के नाम से पीछे भी एक कहानी है, बताया जाता है कि, राजवाड़े के समय यहां कैदियों को सजा दी जाती थी, इसलिए इस जगह का नाम हत्यारी खोह पड़ गया। एडवेंचर शौकीनों के लिए यह जगह स्वर्ग से कम नहीं है..लेकिन ट्रैकिंग के दौरान थोड़ा सतर्क और सावधान रहने की जरुरत है।

पातालपानी

पातालपानी

इंदौर से 30 किमी की दूरी पातालपानी एक बेहद ही खूबसूरत झरना है..जोकि इंदौरवासियों के लिए एक परफेक्ट वीकेंड आप्शन भी है ।यह झरना 300 फीट की उंचाई से बहता है, जो देखने में बेहद ही मनोरम प्रतीत होता है। कहावत है यह झरना पाताल तक जाता है, इसलिए इसका नाम पातालपानी है। यहां जाने के लिए रास्ता महू से हो कर जाता है। और दूसरा रास्ता महू-चोरल से आंबा चंदन गांव होते हुए जाता है, लेकिन यह रास्ता कच्चा एवं ऊबड़-खाबड़ होने से असुरक्षित है।
PC: Vivek Shrivastava

चोरल

चोरल

चोरल गांव इंदौर से करीबन 40 किमी की दूरी पर स्थित है...यहां की घुमावदार घाटियाँ,ऊँची ऊँची पहाड़ियां,और उंचे उंचे पेड़ को मन को हर्षित करते हैं। चोरल में स्थित नदी के किनारे बैठकर वहां की खूबसूरती को बखूबी निहारा जा सकता है।अगर नदी में बहाव तेज है, तो नदी में उतरने की गलती ना करें। यहां आप अपने फैमली या दोस्तों के साथ पिकनिक भी एन्जॉय कर सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए इंदौर से खंडवा की ओर जाना होता है।PC:Kirandeep Atwal

कजलीगढ़

कजलीगढ़

इंदौर से 25 किमी दूर स्थित कजलीगढ़ में होलकरकालीन शिकारगाह है। एक ओर किला, दूसरी ओर शिव मंदिर और पास बहता झरना अद्भुत आनंद देता है। खंडवा रोड से यहां जाने के लिए खुद के वाहन का ही उपयोग करना होता है। इसी इलाके में तिंछा फाल, मेहंदी कुंड जैसे पर्यटन स्थल भी मौजूद हैं।

जोगीभड़क झरना

जोगीभड़क झरना

इंदौर से 55 किलोमीटर और मानपुर से 10 किमी आगे काफी ऊंचाई से यह झरना गिरता है। झरने के आसपास पिकनिक बनाने के लिए काफी सुंदर जगहें भी मौजूद है।

मेहंदीकुंड

मेहंदीकुंड

इंदौर से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित इस झरने तक पहुंचने के दो रास्ते हैं। एक रास्ता महू के पास कोदरिया होते हुए जाता है। इस कच्चे-पक्के रास्ते से वाहन लेकर सीधे यहां तक पहुंचा जा सकता है। वहीं दूसरा रास्ता बड़गोंदा से नखरी डेम होते हुए जाता है। इस रास्ते से पैदल ट्रैकिंग करते हुए जाना होता है।

बामनिया कुंड

बामनिया कुंड

अगर आप प्रकृति को एकदम करीब से महसूस करना चाहते हैं तो बामनिया कुंड आपके लिए एक बेस्ट प्लेस है..यह शहर से 50 किमी की दूरी पर है...यहां झरने के आसपास आप हरे भरे जंगलों को भी देख सकते हैं।

गिदिया खोह

गिदिया खोह

इंदौर से करीबन 45 किलोमीटर दूर स्थित गिदिया खोह तक डबल चौकी से सिवनी होते हुए पहुंचा जा सकता है। यहां भी काफी ऊंचाई से झरना गिरता है। साथ ही आस पास के प्राकृतिक नजारे भी मन मोह लेने वाले हैं।

जानापाव

जानापाव

महू से करीब 17 किमी दूर विंध्याचल पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव है। यहां 7 नदियां चोरल, मोरल, कारम, अजनार, गंभीर, चंबल और उतेडिय़ा नदी मिलती हैं। हर साल यहां कार्तिक और क्वांर के माह में मेला लगता है। यह स्थान मुंबई-आगरा हाईवे पर राजपुरा कुटी से 5.20 किमी पूर्व में है।PC: Isnowden

सीतलामाता फॉल

सीतलामाता फॉल

इंदौर से 40 किलोमीटर स्थित यह झरना A.B Road रोड पर पड़ता है। मानपुर से करीब 5 किलो मीटर अंदर जाना होता है। यहां पहुंचना आसान है।

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