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हल्की सर्दी के बीच अनुभव करें उत्तर भारत के प्रमुख पर्व

Written By: Goldi

भारत में यात्रा करने के लिए शरद ऋतु-सर्दियों का महीना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इस दौरान बारिश कम होती है और मौसम ना ज्यादा ठंडा होता है ना ही गर्म। यह इस अवधि के दौरान है .आसमान स्पष्ट हो जाते हैं, और पूरे देश में कई त्यौहारों और उत्सवों का आयोजन भी होता है।

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देश के कई हिस्सों में दीवाली और दशहरा के त्योहारों के साथ-साथ चंद्रमा और सूर्य देवताओं की पूजा करने के लिए अन्य उत्सव, जैसे करुवा चौथ, छठ पूजा, देश के कई हिस्सों में बेहद उत्साह से मनाया जाता है। इस दौरान अपने स्थानीय त्यौहारों के दौरान यात्रा करने से यात्रियों को एक अनूठे अनुभव और जगह की परंपरा और संस्कृति में बहुत अधिक जानकारी मिलती है। इसलिए यदि आप अच्छे भोजन, संगीत और बहुत कुछ के साथ एक अच्छी यात्रा अनुभव के साथ एक अच्छे अनुभव तलाश में हैं, तो यहां आपको इस नवंबर कुछ खास जगहों की यात्रा जरुर करें ।

पुष्कर मेला

पुष्कर मेला

28 अक्टूबर -4 नवंबर

प्रसिद्ध, वार्षिक पुष्कर ऊंट मेला और गुब्बारा महोत्सव को अनुभव करने के लिए इस नवंबर राजस्थान में जीवंत मरुस्थल पुष्कर की यात्रा करें। कार्तिक के महीने में कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां इस मेले के आयोजन की शुरुआत होती है। इस दौरान यहां हजारो ऊंटों को लाया जाता है,जहां वे सौंदर्य प्रतियोगिताएं, ऊंट दौड़ और परेड में हिस्सा लेते हैं। यह एक ऊंट मेला होने के साथ साथ इंटरनेशनल हॉट एयर बैलून फेस्टिवल भी है। पुष्कर की रेत के ऊपर से गर्म गुब्बारे में उड़ते हुए पुष्कर मेले को निहारना वाकई एक अलग अनुभव प्रदान करता है।

वर्ष 2017 में पुष्कर मेला 28 अक्टूबर से 4 नवंबर तक चलेगा।

ट्रेवल टिप्स-सुबह के दौरान गर्म हवा के गुब्बारे की सवारी करें...और सनराइज का मजा ले ।PC: Meeta

वाराणसी, उत्तरप्रदेश

वाराणसी, उत्तरप्रदेश

1 नवंबर - 3 नवंबर

नवंबर के महीने में वाराणसी के पवित्र गंगा घाट की सैर करें और गंगा महोत्सव का हिस्सा बने। काशी और बनारस के नाम से प्रसिद्ध वाराणसी पुराने शहरों में से एक होने के साथ साथ एक धर्मिक नगरी भी है। एकादशी के लेकर पूर्णिमा के बीच गंगा महोत्सव का आयोजन किया जाता है, गंगा महोत्सव वाराणसी के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है।

इस उत्सव के दौरान खेल, मनोरंजन, नौकायन, पतंग-फ्लाइंग, पारंपरिक कुश्ती और गंगा मैराथन जैसी व्यंजनों, सांस्कृतिक, कला और शिल्प कौशल की विस्तृत श्रृंखला देखी जा सकती है।

कच्छ के रण, गुजरात

कच्छ के रण, गुजरात

1 नवंबर 2017 - 20 फरवरी 2018

कच्छ का रण उत्सव एक गुजरात का एक लोकप्रिय मेला और पर्व है, जहां नमक के ढेर और रेत को सबसे अच्छे से अनुभव किया जा सकता है। बढ़ती लोकप्रियता के चलते यह फेस्टिवल , गुजरात के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जो अपनी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।

यहां आने वाले पर्यटक यहां स्थित लग्जरी त्म्बुयों में रह सकते हैं और लोक नृत्य, लोक संगीत, पारंपरिक कला और शिल्प प्रदर्शन, गुजराती खाने का स्वाद ले।

ट्रेवल टिप- पूर्णिमा के दिन यहां आये जब पूरा चाँद हो इस दौरान नमक का राजस्थान देखने का मजा ही कुछ अलग होता है, जिसे आप जीवनं भर याद रखेंगे।

अमृतसर, पंजाब 4 नवंबर

अमृतसर, पंजाब 4 नवंबर

गुरू नानक गुरुपुरब के अवसर पर पंजाब में अमृतसर में शांत स्वर्ण मंदिर की यात्रा करें। यह गुरु नानक जयंती और प्रकाश उत्सव के रूप में भी जाना जाता है। गुरु नानक का जन्मदिवस को पूरे भारत में बेहद हर्षौल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन इसकी छटा अमृतसर में देखने वाली थी।

पर्व के दौरान पूरा स्वर्ण मंदिर रोशनी से जगमगाता है,हर ओर गुरबानी की आवाज़ या पवित्र शास्त्र की छंद और भजन आदि सुनाई देते हैं।

यात्रा सुझाव: स्वर्ण मंदिर की यात्रा के दौरान यहां लंगर चखना कतई ना भूले..इसके अलावा सैलानी वाघा बॉर्डर ओए जालियांवालाबाग़ भी घूम सकते हैं।

शिलाँग, मेघालय 8 नवंबर - 11 नवंबर शिलाँग

शिलाँग, मेघालय 8 नवंबर - 11 नवंबर शिलाँग

इस नवंबर कुछ नया करने का सोच रहे हैं, तो सैर करें शिलांग में होने वाले चेरी ब्लॉसम महोत्सव की।अंतर्राष्ट्रीय चेरी ब्लॉसम महोत्सव शिलाँग में कई जगहों के साथ सुरम्य वार्ड झील के पास में आयोजित किया जाएगा। सबसे पहला चेरी ब्लॉसम महोत्सव 2016 में आयोजित किया गया था।

ट्रेवल टिप्स: प्लम वाईन के साथ फ्रूट वाइन का स्वाद लेना ना भूले।

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