दिल्ली का मालचा महल हो या खुनी दरवाजा...। हम सभी ने दिल्ली के हॉन्टेड प्लेसेज के बारे में कई बार सुना है। भूतिया जगहों पर घूमने के शौकिनों के लिए दिल्ली सरकार हॉन्टेड हेरिटेज वॉक पैकेज लेकर आयी है। हर वीकेंड पर दिल्ली के टूरिज्म विभाग की तरफ से हॉन्टेड हेरिटेज वॉक करवाया जाता है। आप ऑनलाइन बुकिंग कर इस वॉक में शामिल हो सकते हैं।
आइए आपको दिल्ली के हॉन्टेड हेरिटेज वॉक के बारे में बताते हैं :

मालचा महल का भूतिया सफर
महल से आती हैं डरावनी आवाजें
मालचा महल के सीढ़ियों पर अंधेरा पसरा रहता है और महल के अंदर से आती डरावनी आवाजें आपको डराने के लिए काफी हैं। महल के चारों तरफ फैले घने पेड़ और जंगलों में बंदर, सियार, गाय और बैल जैसे जानवरों ने अपना बसेरा बना रखा है।

माना जाता है कि खुद को अवध के नवाब वाजिद अली शाह के खानदान से होने का दावा करने वाली बेगम विलायत की आत्मा इस महल में भटकती रहती है। बेगम विलायत इस महल में अपने दो बच्चों और 10 डोबरमैन कुत्तों के साथ रहती थी। उन्होंने 62 साल की उम्र में वर्ष 1993 में यहां आत्महत्या कर ली थी।
भटकती है विलायत बेगम की आत्मा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेगम विलायत ने हीरा चाटकर मौत को गले लगाया था। उनकी मौत के बाद उनका शव 10 दिनों तक पड़ा हुआ था। उनके बच्चों ने उनका शव दफनाया नहीं था बल्कि शव पर लेप लगाकर उसे संरक्षित करने की कोशिश की थी।

चूंकि बेगम का अंतिम संस्कार ठीक से नहीं हुआ था इसलिए आम लोगों का कहना है कि इस महल में बेगम विलायत की आत्मा भटकती रहती है। इस हॉन्टेड हाउस की छत से राष्ट्रपति भवन भी दिखायी देता है।
फिरोज शाह कोटला मॉन्यूमेंट में जिन्नों से मिलें

दिन में जाने से भी डरते हैं लोग
दिल्ली के टूरिज्म विभाग के हॉन्टेड हेरिटेज वॉक में शामिल फिरोज शाह कोटला मॉन्यूमेंट एक ऐसा किला है, जहां दिन के समय में भी लोग जाने से डरते हैं। इस किले का निर्माण 1354 में फिरोज शाह तुगलक ने करवाया था।

स्थानीय लोगों का मानना है कि दिल्ली का यह एक ऐसा किले है जहां जिन्न आते हैं। कुछ लोगों का तो यह भी दावा है कि उन्होंने हर गुरुवार को इस किले में मोमबत्तियां और अगरबत्ती जलती हुई देखी है। माना जाता है कि अदृश्य आत्माएं जिन्न को खुश करने के लिए इकट्ठा होती हैं।
एक दरवाजा ऐसा जहां से आती है चिखने की आवाजें
दिल्ली के भूतिया जगहों की लिस्ट में खूनी दरवाजा का नाम सबसे ऊपर आता है। माना जाता है कि यहां तीन राजकुमारियों की काफी बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी। उनके चिखने-चिल्लाने की आवाजें आज भी यहां गूंजती रहती है। इसके अलावा अंग्रेजी जमाने में भी यहां कई स्वतंत्रता सेनानियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। उन सभी की आत्माएं खूनी दरवाजा में आज भी भटकती रहती है।
कैसे करें बुकिंग
दिल्ली सरकार का टूरिज्म विभाग 1.30 घंटे के हॉन्टेड हेरिटेड वॉक पर मालचा महल और फिरोज शाह कोटला मॉन्यूमेंट लेकर जाएगा जिसके लिए प्रति व्यक्ति 800 रुपये और 5% जीएसटी देना होगा। हॉन्टेज हेरिटेज वॉक के लिए शाम को 5.30 से 7 बजे तक ले जाया जाता है। इसकी बुकिंग दिल्ली टूरिज्म के ऑनलाइन पोर्टल delhitourism.gov.in पर जाकर कर सकते हैं।

याद रखें, दोनों हॉन्टेड हेरिटेज वॉक के लिए ग्रुप का होना जरूरी है। ग्रुप में कम से कम 6 और ज्यादा से ज्यादा 20 सदस्य हो सकते हैं। 15 साल से छोटी आयु के बच्चों को इस हॉन्टेड हेरिटेज वॉक पर जाने की अनुमति नहीं है। हॉन्टेड वॉक पर प्रत्येक व्यक्ति को एक गाइड और बैग मुहैया करवाया जाएगा। बैग में जूस की बोतल, पानी की बोतल, एक टोपी और फल जैसे कुछ जरूरी सामान दिये जाते हैं।



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