मेघालय का शुमार भारत के सबसे खूबसूरत राज्यों में है। 22,429 वर्ग किलोमीटर में बसे इस खूबसूरत राज्य में ऐसा बहुत कुछ है जो देश के अलावा दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। आज इसी क्रम में हम आपको अवगत करा रहे हैं मेघालय के एक ऐसे खूबसूरत डेस्टिनेशन से जिसकी सुंदरता की कल्पना शब्दों में नहीं की जा सकती। जी हां हम बात कर रहे हैं मेघालय में स्थित अतुलनीय की।
री भोई जिला, मेघालय के 11 जिलों में से एक है और नोंगपो इसका जिला मुख्यालय है। मेगालय के दक्षिण गारो हिल्स जिले के बाद री भोई जिला ही दूसरा सबसे कम आबादी वाला जिला है। यह जिला पूर्वी खासी हिल्स को विभाजित कर बनाया गया है।
उमियाम झील
उमियाम झील जो बारापानी के नाम से भी जानी जाती है, मेघालय के री भोई जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। उमियाम नदी के ऊपर जल-विद्युत उत्पादन के लिए बनाए गए बांध के कारण 1960 में इस झील को बनाया गया।

आज, यह झील अपने वाटर स्पॉट्स और साहसिक खेलों के कारण एक उत्कृष्ट पर्यटन स्थल के रुप में कार्य करती है। क्षेत्र के खूबसूरत पहाड़ों के बीच बनी उमियाम झील पर, मेघालय पर्यटन विभाग ने राज्य के अधिकारियों के साथ मिलकर, सैलानियों को कायाकिंग, वाटर साइक्लिंग, शूटिंग और नौका विहार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
डिंगिई शिखर
डिंगिई शिखर, शिलांग पठार के पश्चिम में स्थित है और पूरे क्षेत्र को देखने का एक शानदार स्थान है। इसकी ऊंचाई शिलांग शिखर से केवल दो सौ फुट कम है। इस पर्वत की चोटी से, आप पूर्वी खासी हिल्स के पहाड़ों और हरे-भरे पर्वतों का सुंदर दृश्य प्राप्त कर पाएंगे। यहां से थोड़ी दूरी पर बसे गांव छोटे-छोटे बिंदुओं की तरह नजर आएंगे। डिंगिई शिखर से आप उमियाम झील के साथ साथ शिलांग शहर भी देख सकेंगे। यह उन लोगों के लिए एक उत्तम स्थान है जो पूरी दुनिया को भूल कर प्रकृति के साथ एक होना चाहते हैं।
लुम सोह्पेटबैंग
आम तौर से यू लुम सोह्पेटबैंग को "पृथ्वी की नाभि" के रुप में जाना जाता है, यह सेंग खासी विश्वासियों का बहुत पवित्र स्थान है। किंवदंतियों के अनुसार, सुनहरी बेल का पुल जो स्वर्ग और भूलोक को जोड़ता है वह यू लुम सोह्पेटबैंग के शिखर पर स्थित था। पर, जैसे-जैस धरती पर पाप बढ़ने लगे, यह पुल टूट गया। किंवदंती है कि, कि हेंनिट्रेप (अर्थात सात झोपड़ियां) जोकि खासी समुदाय की सात उप जनजातियां हैं, पृथ्वी पर सबसे पहले बसनेवालों में से थे। यहां फरवरी के पहले रविवार को वार्षिक आदिवासी तीर्थयात्रा आयोजित की जाता है, और सेंग खासी विश्वासी 1 या 1/2 घंटे की पैदल यात्रा तैय कर इस पर्वत की चोटी पर पहु्ंचते हैं और यहां आपने अनुष्ठानों और धार्मिक कृत्यों को पूरा करते हैं, साथ ही वे पारंपरिक नृत्य और गीतों को भी गाते हैं।
नोंगपो
नोंगपो, मेघालय के री भोई जिले का प्रशासनिक केंद्र है। साथ ही, यह उन लोगों के लिए लोकप्रिय खरीदारी का केंद्र है जो सस्ते दामों में सब्जियां और फलों को खरीदना चाहते हैं। विभिन्न प्रकार के खासी व्यंजनों को चखने के लिए नोंगपो एक उत्तम स्थान है। नोंगपो बाजार में पूरे दिन लोगों की भीड़ लगी रहती है। इन में से कुछ स्थानीय लोग होते हैं, जबकि बाकी सारे सैलानी होते हैं। वे लोग जो एक या दो दिन के लिए रुकना चाहते हैं, उनके लिए बरीज़ड़ेल पर्यटक रिसॉर्ट सबसे अच्छा विकल्प है।
कैसे जाएं री भोई
वायुमार्ग द्वारा
उमरोई हवाई अड्ड़ा, मेघालय का एक मात्र हवाई अड्ड़ा है जो री भोई जिले में है और उमियाम झील के करीब है। हालांकि कोलकाता के लिए इस हवाई अड्ड़े से केवल एक उड़ान उपलब्ध है। पर्यटकों के लिए एक अच्छा विकल्प यह होगा कि वे गुवाहाटी हवाई अड्ड़े के लिए उड़ान भरे और वहां से राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा नोंगपो पहुंचें।
ट्रेन द्वारा
गुवाहाटी रेलवे स्टेशन, री भोई जिले का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है और यह केवल 50 कि.मी की दूरी पर स्थित है। भीड़ भरे दिनों में गुवाहाटी से नोंगपो जाने के लिए ड़ेढ घंटे का समय लगता है। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन देश का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है और यहां से देश के हर शहर के लिए रेलगाड़ी की सेवा उपलब्ध है।
सड़क मार्ग द्वारा
राष्ट्रीय राजमार्ग 40, जिले के लिए एक जीवन रेखा के रुप में कार्य करता है। राष्ट्रीय राजमार्ग जिले के हर कोने में नहीं बना है, यह री भोई को जोड़ते हुए शिलांग से लेकर गुवाहाटी तक बना है। इस राजमार्ग पर कई बसें, पर्यटन और निजी वाहनें और ट्रक दौड़ते रहते हैं। इस राजमार्ग द्वारा शिलांग या गुवाहाटी से नोंगपो पहुंचना बहुत आसान है।



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