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इंडियन डेस्टिनेशंस के वो सीक्रेट जो न अपने पहले कभी सुने, न कभी किसी ने आपको बताये होंगे

Posted By: Staff

भारत एक शब्द जिसकी कल्पना मात्र से ही व्यक्ति उसकी सुंदरता में खो जाता है। जैसे ही आप इस शब्द के बारें में सोचेंगे कई सारे मंज़र, कई दृश्य, कई सभ्यताएं खुद-ब-खुद आपकी आँखों के सामने आ जाएंगी। अतः ये कहना हमारे लिए अतिश्योक्ति न होंगी कि भारत विविधताओं और विचित्रताओं का देश है। शायद भारत इसलिए भी विविधताओं से भरा देश कहा जाता है क्योंकि यहां के जैसी कला, संस्कृति और भोजन आप को किसी और देश में बड़ी ही मुश्किल से मिलेगा।

भारत में जहां एक तरफ कश्मीर की ठिठुरन भरी सर्दी है तो वहीँ दूसरी तरफ चेरापूंजी में होने वाली सर्वाधिक बारिश है। यहां आपको थार के भी दर्शन होंगे जी हां वही थार जिसका शुमार विश्व के सबसे सूखे क्षेत्रों में है। Must Read : शक्तिशाली मैग्नेट पहाड़ जो खींच दे ट्रक और बस

इसके अलावा भारत का लगभग आधे से ज्यादा हिस्सा सुन्दर बीचों और शांत नीले समुन्द्र से घिरा है। अगर आप भारत के उत्तरी हिस्से पर एक नज़र डालें तो आपको मिलेगा कि भारत का ये हिस्सा सफ़ेद संगमरमरी बर्फ से ढंके पहाड़ों से घिरा है। PICS : इंडिया का वो चेहरा जो अब तक नहीं देखा होगा आपने

भारत में, कश्मीर से लेके कन्याकुमारी और राजस्थान से लेके असम और अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर ऐसा आपको बहुत कुछ मिलेगा जिसको आप भुला के भी नहीं भूल सकते हैं। आइये अब हम आपको अवगत कराते हैं अतुलनीय भारत की उन 10 खूबसूरत जगहों से जिनके बारे, में न अब तक आपने जाना होगा न सुना होगा।\

लोनार क्रेटर

लोनार क्रेटर

लोनार झील महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्थित एक खारे पानी की झील है। इसका निर्माण एक उल्का पिंड के पृथ्वी से टकराने के कारण हुआ था। बताया जाता है कि यह उल्का पिंड यहां 52,000 साल पहले गिरा था जिसके फल स्वरुप यहां इस गड्ढ़े का निर्माण हुआ। आपको बता दें कि एक ब्रिटिश अधिकारी जे ई अलेक्जेंडर ने सबसे पहले इस गड्ढे के बारे में खोजबीन की थी।

बुआ का तालाब

बुआ का तालाब

बुआ वाला तालाब, राजधानी दिल्ली से 65 किलोमीटर दूर हरियाणा के झज्जर मेँ है जो एक मक़बरा है। इस मक़बरे के निर्माण के पीछे 375 साल पुरानी सच्चे प्रेम की एक हृदय विदारक कहानी जुड़ी हुई है। पौराणिक कथाओं के अनुसार एक सूबेदार ने अपनी बेटी की मुहब्बत को छीन लिया और बाद में उस लड़की की भी मृत्यु हो गयी। यदि आपको इस अधूरे प्यार की दास्तान समझनी है तो इस स्थान की यात्रा अवश्य करें।

 कुलधारा

कुलधारा

कुलधारा, जैसलमेर शहर से 25 किमी की दूरी पर स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक गांव है। यह एक डरावना गांव है जहाँ पर्यटकों को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही जाने की अनुमति है। 200 वर्ष पुराने मिट्टी के घरों को यहाँ देखा जा सकता है। इतिहास के अनुसार, इस गांव में लगभग 500 वर्षों के लिए पालीवाल ब्राह्मण बसे थे। यहाँ के क्रूर शासकों द्वारा उन्हें इस गांव को छोड़ने पर मजबूर किया गया था। इसलिए लोगों का मानना है कि इस गांव को पालीवाल ब्राह्मण द्वारा शाप दिया गया था जिस कारण आज तक ये स्थान हॉन्टेड है।

मायलेननोंग

मायलेननोंग

मायलेननोंग मेघालय का एक छोटा सा गांव है, शायद आपको जानके हैरत हो मायलेननोंग का शुमार एशिया के सबसे साफ़ सुथरे गांव में होता है। आपको बताते चलें कि इस गांव का मुख्य व्यवसाय कृषि है। इस गांव की ख़ास बात ये है कि यहां जगह जगह पर बांस के बने हुए कूड़ेदान लगाये गए हैं ताकि लोग उनमें कूड़ा फ़ेंक सकें यहां के ,बारे में ये भी कहा जाता है कि यदि व्यक्ति यहां वहां कूडा डालते हुए पकड़ा गया तो गांव के बड़े बुजुर्ग उस व्यक्ति पर जुर्माना लगाते हैं ।

लिविंग रूट ब्रिज

लिविंग रूट ब्रिज

गौरतलब है कि आज आज मेघालय का प्रसिद्ध शहर चेरापूँजी रबर के पौधों का घर है और साथ ही आज यहां से पूरे भारत के लिए सबसे ज्यादा रबर का उत्पादन किया जाता है। यहां पैदा होने वाले रबर के पौधों कि ये खासियत है कि 10 से 15 साल के बीच ये पूर्ण रूप से विकसित हो जाते हैं और उनकी जड़ें जमीन के अंदर चली जाती हैं जिनसे पुल या ब्रिज जैसी संरचना का निर्माण होता है। तो अब यदि आपको इन अद्भुत प्पुलों को देखना हो तो एक बार मेघालय की यात्रा अवश्य करें।

भीमबेटका की गुफाएं

भीमबेटका की गुफाएं

महाभारत के एक पौराणिक चरित्र भीम के नाम पर आधारित भीमबेटका भारत की प्राचीन गुफाओं में से एक है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। भीमबेटका गुफाएं एवं चट्टानों से बने आश्रय स्थल मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित हैं। ये चारों ओर से विंध्य पर्वत श्रेणी से घिरे हुए हैं। यहाँ 600 से भी अधिक गुफाएं हैं जिनमें विभिन्न चित्र हैं।

रूपकुंड झील

रूपकुंड झील

रूपकुंड या कंकाल झील भारत उत्तराखंड राज्य में स्थित एक हिम झील है जो अपने किनारे पर पाए गये पांच सौ से अधिक कंकालों के कारण प्रसिद्ध है। यह स्थान निर्जन है और हिमालय पर लगभग 5029 मीटर (16499 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। पर्यटन की दृष्टि से रूपकुंड, हिमालय की गोद में स्थित एक मनोहारी और खूबसूरत पर्यटन स्थल है, यह हिमालय की दो चोटियों त्रिशूल (7120 मीटर) और नंदघुंगटी (6310 मीटर). के तल के पास स्थित है।

 भानगढ़ का किला

भानगढ़ का किला

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ का किला एक मध्ययुगीन किला है । यह किला अम्बेर के महान मुगल सेनापति,मान सिंह के बेटे माधो सिंह द्वारा 1613 में बनवाया गया था। राजा माधो सिंह अकबर की सेना के जनरल थे। ये किला जितना शानदार है उतना ही विशाल भी है, वर्तमान में ये किला एक खंडहर में तब्दील हो गया है। अगर यहां के स्थानीय लोगों की माने तो यहां आने के बाद पर्यटक आज भी एक अलग तरह के डर और बेचैनी का अनुभव करते हैं।

कामाख्या देवी मंदिर

कामाख्या देवी मंदिर

यदि आप भारत में नॉर्थ ईस्ट के टूर पर हों तो प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर घूमे बिना पूर्वोत्तर भारत की यात्रा अधूरी ही मानी जाएगी। बेहद खूबसूरत और अपनी एक अलग संस्कृति लिए हुए पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार गुवाहाटी असम का सबसे बड़ा शहर है। कामाख्या मंदिर गुवाहाटी का मुख्य धार्मिक अट्रैक्शन है। ये मंदिर गुवाहाटी के अंतर्गत आने वाली नीलाचल पहाड़ियों में स्थित है जो रेलवे स्टेशन से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थ्ति है। बताया जाता है कि ये मन्दिर एक तांत्रिक देवी को समर्पित है। गौरतलब है कि इस मन्दिर में आपको मुख्य देवी कामाख्या के अलावा देवी काली के अन्य 10 रूप जैसे धूमावती, मतंगी, बगोला, तारा,कमला,भैरवी,चिनमासा,भुवनेश्वरी और त्रिपुरा सुंदरी भी देखने को मिलेंगे।

करणी माता मंदिर

करणी माता मंदिर

मूषक मंदिर, या चूहों का ये मंदिर राजस्थान के बीकानेर से लगभग 30 किलोमीटर दूर जोधपुर रोड पर गांव देशनोक की सीमा में स्थित है। इस मंदिर को करणी माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म में इस मंदिर का शुमार देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में है। देवी करणी माता इस मंदिर की प्रमुख देवी हैं और इन्हीं को ये खूबसूरत मंदिर समर्पित किया गया है। करणी माता को हिंदू धर्म में मां दुर्गा का अवतार भी माना गया है।

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