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इस वीकेंड वाराणसी से बनाएं इन शानदार स्थलों का प्लान

भारत की पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित वाराणसी एक प्राचीन और धार्मिक नगरी है, जिसे काशी और बनारस के नाम से भी संबोधित किया जाता है। पौराणिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से यह एक समृद्ध स्थल है, जहां भ्रमण के लिए साल भर देशी-विदेशी श्रद्धालु और पर्यटकों का तांता लगा रहता है। यहां के मुख्य आकर्षणों में गंगा घाट और काशी विश्वनाथ मंदिर शामिल है। अस्सी घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती में शामिल होने के लिए रोजाना श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ता है। एक शानदार अवकाश के लिए यह एक आदर्श स्थल है।

इसके अलावा वाराणसी के आसपास भी बहुत से खूबसूरत पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जहां के भ्रमण का प्लान आप सप्ताहांत पर बना सकते हैं। केवल 4 से 5 घंटे की ड्राइव पर आप इन स्थलों तक पहुंच सकते हैं।

कुशीनगर

कुशीनगर

PC- Photo Dharma

दूरी : 230 कि.मी

वाराणसी से आप 230 कि.मी की दूरी का सफर तय कर कुशीनगर आ सकते हैं। कुशीनगर एक प्राचीन शहर है जो काफी ज्याद सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह भगवान बुद्ध चार मुख्य तीर्थ स्थलों में , से एक है, जहां गौतम बुद्ध ने अपनी आखिरी सांस ली। लुंबिनी, बोधगया और सारनाथ अन्य तीन स्थल हैं। आप यहां बौद्ध धर्म से जुड़े कई मंदिरों और अवशेषों को देख सकते हैं। पर्यटक यहां जर्जर रूप में मौजूद स्तूपों को देखना पसंद करते हैं।

यहां मौजूद बौद्ध स्तूप तीसरी से लेकर पांचवी शताब्दी से संबंध रखते हैं। आप यहां बौद्ध संग्रहालय की सैर कर सकते हैं। आप यहां के महापरिनिर्वाण मंदिर के दर्शन करने के लिए जरूर जाएं। आत्मिक और मानसिक शांति के लिए कुशीनगर काफी ज्यादा मायने रखता है।

इलाहाबाद

इलाहाबाद

PC- Lokankara

दूरी : 121 कि.मी

वाराणसी से आप 121 कि.मी की दूरी पर स्थित उत्तर प्रदेश के अन्य धार्मिक और ऐतिहासिक शहर इलाहाबाद की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह प्राचीन शहर भारत की तीन पवित्र नदियों गंगा, यमुना और सरस्वति के संगम स्थल पर स्थित है, जिसे त्रिवेणी संगम के नाम से जाना जाता है। इस शहर का प्राचीन नाम प्रयाग है, लेकिन मुगल शासन के दौरान इस शहर का नाम बदलकर इलाहबाद रख दिया गया था। इलाहबाद अपने महाकुंभ मेले के लिए विश्व भर में जाना जाता है, जिसमें करोड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं का आगमन होता है।

माना जाता है कि इस दौरान त्रिवेणी घाट पर स्नान करने से सभी पाप कट जाते हैं। आप यहां के ऐतिहासिक स्थलों की सैर का प्लान बना सकते हैं।

आप यहां अकबर के शासनकाल के दौरान बनाया गया किला जरूर देखें। माना जाता है कि 1857 के विद्रोह के बाद, अंग्रेजों ने उत्तर-पश्चिमी प्रांतों की राजधानी इलाहाबाद में स्थानांतरित कर दी। इतिहास की बेहतर समझ के लिए आप यहां आ सकते हैं।

लखनऊ

लखनऊ

PC- Aounaqvi

दूरी : 320 कि.मी

आप काशी नगरी से 320 कि.मी का सफर तय कर लखनऊ शहर का भ्रमण करने के लिए आ सकते हैं। लखनऊ, उत्तर प्रदेश का राजधानी शहर है, जो प्रशासनिक और ऐतिहासिक रूप से काफी ज्यादा मायने रखता है। आप यहां मुगल और ब्रिटिश कालीन कई ऐतिहासिक संरचनाओं को देख सकते हैं। कला और इतिहास के प्रेमियों के लिए लखनऊ काफी ज्यादा मायने रखता है।

अगर आप खानी-पीने के शौकीन हैं, तो आप यहां बहुत से जायकेदार व्यंजनों का आनंद उठा सकते हैं। लखनऊ के टुंडे कबाब, बिरयानी और मलइयो काफी ज्यादा लोकप्रिय है। बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा, जामा मस्जिद, रूमी दरवाजा आदि यहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं।

राजगीर

राजगीर

PC- Photo Dharma

दूरी : 322 कि.मी

आप वाराणसी से 322 कि.मी का सफर तय कर बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह नालंदा जिले स्थित एक प्राचीन शहर है, जो कभी मगध की राजधानी के नाम से जाना जाता था। यह शानदार स्थल है, जो ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफी ज्यादा मह्त्व रखता है। कला और इतिहास में दिलचस्पी रखने वाले यहां आ सकते हैं।

इस स्थल का उल्लेख महाकाव्यों और भारतीय पुराणों में भी मिलता है। हिंदू धर्म के साथ राजगीर जैन और बौद्ध धर्म का भी बड़ा केंद्र है। माना जाता है कि इस स्थल पर गौतम बुद्ध ने साधना की थी। आप यहां गृद्धकूट पर्वत, लाल मंदिर, दिगम्बर जैन मंदिर, स्वर्ण भंडार, जैन मंदिर, सप्तपर्णी गुफा आदि स्थलों की सैर का प्लान बना सकते हैं।

अयोध्या

अयोध्या

PC- Ramnath Bhat

दूरी : 205 कि.मी

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप वाराणसी से 205 कि.मी की दूरी तय कर अयोध्या की सैर का प्लान बना सकते हैं। सरयू नदी के तट पर स्थित अयोध्या भगवान राम के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है। हिंदू पौराणिक किवदंतियों के अनुसार, यह शहर भगवान राम के पिता दशरथ द्वारा बसासा गया थाा। हिन्दुओं के लिए यह स्थल धार्मिक रूप से काफी ज्यादा मायने रखता है। आप यहां हनुमान गढ़ी, नागेश्वरनाथ मंदिर, रामकथा संग्रहालय, दशरथ महल आदि संरनचाओं को देख सकते हैं।

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