
अगर आपको वन्य जीवो से प्यार हैं और उन्हें नजदीक से जानना और समझना चाहते हैं..तो इन छुट्टियों आपको भारत खूबसूरत वन्य जीव उद्यानों की सैर जरुर करनी चाहिए।
वन्य जीवों को करीब से देखना हमेशा से ही मन को काफी उत्साहित करता है..क्योंकि अभी तक हमने इन सबको किताबों में ही देखकर जाना और समझा है। हमे अक्सर स्कूल में पढ़ाया जाता रहा है कि,किस तरह मानव जाति प्रकृति और वन्य जीवों पर निर्भर है।
कहा भी जाता है कि पशु पक्षी जगत पर्यावरण का सूचक होता है, अगर वे मुसीबत में हैं तो हमें समझ लेना चाहिए कि हमारे भी बुरे दिन दूर नहीं। इसलिए आए दिन हमें सूचित और जागरूक किया जाता है कि पशु पक्षियों को बचा अपने पर्यावरण की रक्षा करें।
भारत में पहले वन्य जीव उद्यान की नींव 1936 में रखी गयी थी...जिसका नाम हेली नेशनल पार्क था लेकिन अब इसका नाम बदल कर जिम कोर्बेट राष्ट्रीय उद्यान रखा गया है।
1936 से लेकर अब तक भारत के पास 102 राष्ट्रीय उद्यान है जिनका क्षेत्रफल 39,919 वर्ग किलीमीटर तक फैला हुआ है। आइये इसी क्रम में जानते हैं भारत के दस शीर्ष 10 राष्ट्रीय उद्यानों के बारे में......

जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, उत्तराखंड
भारत का पहला वन्य जीव उद्यान जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क 1974 में यह सबसे पहला बाघ अभ्यारण्य के रूप में उभर कर सामने आया। सबसे पुराना यह अभ्यारण्य बिल्लियों की एक अनोखी जाति, एक अलग किस्म के बाघों और अन्य जंगली जातियों जैसे फिशिंग बिल्लियाँ, हिमालयी तहर, सीरो, आदि जैसे जीवों के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है।PC:Fcamohitagrawal

रणथम्बोर राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान
आपकी राजस्थान की यात्रा तब तक अधूरी है जब तक आपने यहां के किलों के साथ अभ्यारण्यों की सैर नहीं की तो। और ये दोनो ही चीज़ें आपको रणथम्बोर राष्ट्रीय उद्यान में ही मिल जाएँगे, जो पुराने ज़माने में भारतीय राजाओं का शिकार करने का मुख्य स्थल हुआ करता था। यह भारत की पुरानी धरोहरों में से भी एक है। यहाँ पर निवास करने वाले बाघ पर्यटकों के कैमरे के सामने पोज़ देते हुए मिल जाएँगे। यह उद्यान अरावली और विंध्य की पहाड़ियों में 392 वर्ग किलोमीटर तक फैला है।इस उद्यान में शेर और चीते के आलावा जंगली सूअर, चिंकारा, हिरन, सियार, तेंदुए, जंगली बिल्ली और लोमड़ी आदि जानवर पाए जाते हैं।
PC: Mahendra Pal Singh

सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिम बंगाल
सदाबहार वन से घिरा सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान युनेस्को द्वारा घोषित वैश्विक धरोहरों में से एक है। वैश्विक धरोहरों में से एक मतलब विश्व की खास जगहों में से एक। आपने कभी किसी बाघ को तैरते देखा है? नहीं ना! यहाँ पर आप उन्हें तैरते हुए भी देखेंगे। यहाँ की सैर, बाघों के साथ वो भी पानी में तैरते हुए आपकी सबसे रोचक सैर होगी।PC: Jayne Stockdale

काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम
आकर्षक, बड़े और आर्द्र मैदानों का काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 100 से ज़्यादा जाति के विश्व भर की पक्षियों का बसेरा है। अगर आप एक सींघ वाले गेंडे को देखना चाहते हैं तो यही वह जगह है जहाँ आप एक साथ कई सारे, इस विशेष जीव के दर्शन कर सकते हैं। मानव जाति के बसेरों से बहुत दूर इस अभ्यारण्य में प्रकृति की खूबसूरती देखते ही बनती है। गेंडों के साथ हाथियों, भालुओं, तेंदुओं का यह बसेरा युनेस्को के वैश्विक धरोहरों की सूची में एक है।PC:Ajtjohnsingh

ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क,हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में स्थित हिमालयन नेशनल उद्यान युनेस्को द्वारा घोषित वैश्विक धरोहरों में से एक है। इस नेशनल पार्क को 1984 में बनाया गया था लेकिन 1999 में इस उद्यान को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। ग्रेट हिमालयन उद्यान में अनेकों वन्य जीवों की प्रजातियाँ पाई जाती है जैसे कि कस्तूरी हिरन, भूरे भालू, गोराल, थार, चीता, बरफानी चीता, भराल, मोनल, ट्रैगोपान, आदि।PC:Vishrutpanday

खंगचेंदजोंगा राष्ट्रीय उद्यान,सिक्किम
सिक्किम में स्थित खंगचेंदजोंगा राष्ट्रीय उद्यान भी युनेस्को द्वारा घोषित वैश्विक धरोहरों में से एक है। जिसकी स्थापना 1977 में हुई थी।इस नेशनल पार्क में आप जंगली सूअर, चिंकारा, हिरन, सियार, तेंदुए, जंगली बिल्ली , सांभर, चीतल, नीलगाय आदि देख सकते हैं।

गिर नेशनल पार्क:गुजरात
गुजरात का गिर राष्ट्रीय उद्यान समस्त भारत में एकमात्र ऐसी जगह है जहां एशियाई शेर पाए जाते हैं। शेर की इस अनोखी जाति के साथ, यह उद्यान लगभग 32 प्रकार के स्तनधारी प्राणियों, लगभग 300 पक्षियों और लगभग 26 जाति के रेंगनेवाले जीवों का बसेरा भी है।PC: Akshay pimple

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान,मध्य प्रदेश
बाघों के लिए प्रसिद्ध इस अभयारण्य में शुरू से ही सबसे ज्यादा संख्या में बाघ पाए जाते रहे हैं, इसलिए सन् 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत इस उद्यान का 917.43 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र बाघ संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। बता दें कि इस अभयारण्य में दुर्लभ बारह सिंगा भी पाया जाता है, जो पूरी दुनिया में और कहीं नहीं पाया जाता है। इसके साथ ही इस अभयारण्य में पक्षियों की 300 से भी अधिक प्रजातियां पाई भी जाती हैं।

दुधवा राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में स्थित यह उद्यान पर्यटन की दृष्टि से खास महत्व रखता है। इस पार्क की सीमाएं नेपाल से लगी हुई हैं। इस उद्यान की स्थापना 1977 में की गई थी. उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इस उद्यान में बाघों और बारहसिंगा के झुण्ड पाए जाते हैं। यहां पर हिरणों की पांच प्रजातीय पाईं जाती हैं, जिसमें बारहसिंगा मुख्य है। इसके अलावा यहां बाघ, तेंदुए, गैण्डा, हाथी, चीतल, पांडा, कांकड़, कृष्ण मृग, चौसिंगा, सांभर, नीलगाय, वाइल्ड डॉग, भेड़िया, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी आदि जानवर पाए जाते हैं।PC: DARSHAN SEN

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश
अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है तो बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान आपके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां की जंगली बिल्लियों की जाति यहाँ फोटोज़ क्लिक करवाने के लिए अलग-अलग पोज़ में दिख जाएँगी। यहाँ की आपकी यात्रा शांत और मंत्रमुग्ध कर देने वाली होगी।
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