क्रोएशिया की एक ऑनलाइन फूड गाइड Taste Atlas (टेस्ट एटलस) ने दुनिया के टॉप 150 रेस्तरां की लिस्ट जारी की है। खास बात है कि बेहतरीन रेस्तरां की टॉप 25 लिस्ट में भारत के 4 रेस्तरां शामिल हैं। इसमें सबसे ऊपर केरल के कोझिकोड का पैरागॉन, लखनऊ का टूंडे कबाब, कोलकाता का पिटर कैट और मूरथल का अमरीक सुखदेव ढाबा शामिल है।

लेकिन क्या आपको पता है इन सभी रेस्तरां की कौन सी डिश ने इन रेस्तरां को दुनिया के बेहतरीन रेस्तरां बना दिया है। चलिए हम आपको बताते हैं। कभी अगर मौका मिले तो इन डिशेज को जरूर ट्राई किजिएगा।
पैरागॉन, कोझिकोड

केरल के कोझिकोड में स्थित रेस्तरां पैरागॉन ने Taste Atlas की लिस्ट में भारतीय रेस्तरां में अपना नाम सबसे ऊपर दर्ज करवाया है। टॉप 25 की लिस्ट में पैरागॉन का 11वें नंबर है। इस रेस्तरां की स्थापना 1939 में हुई थी। इस रेस्तरां में मुख्य रूप से मालाबार कुजिन सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। Taste Atlas ने दुनिया भर के फूड ब्लॉगर द्वारा किये गये फूड रिव्यू के आधार पर इस रेस्तरां को भारत का सर्वश्रेष्ठ रेस्तरां करार दिया है। अगली बार जब आप केरल जाएं तो कोझिकोड के पैरागॉन रेस्तरां की बिरयानी खाना बिल्कुल Miss मत किजिएगा।
टूंडे कबाब, लखनऊ
Taste Atlas के अनुसार भारत का दूसरा और उत्तर प्रदेश का सबसे अच्छा रेस्तरां टूंडे कबाब है। लखनऊ की शान और लजीज अवधी खाने के लिए प्रसिद्ध टूंडे कबाब इस लिस्ट में 12वें नंबर पर है। 1905 में लखनऊ के अकबरी गेट में एक छोटी सी दुकान से इस रेस्तरां का सफर शुरू हुआ था जिसकी ख्याति देश के बाद अब विदेशों तक पहुंच चुकी है। बताया जाता है कि इस रेस्तरां के मालिक भोपाल के नवाब के यहां किसी जमाने में खानसामा का काम किया करते थे।

बढ़ती उम्र में नवाब को जब खाने में दिक्कत हुई तो उनके लिए खास गलौटी कबाब बनाया गया जिसे अवधी कबाबों का बादशाह कहा जाने लगा। कहा जाता है कि हाजी मुराद अली को पतंग उड़ाने का काफी शौक था। एक बार पतंग उड़ाते समय उनका हाथ टूट गया जिसे बाद में काट देना पड़ा था। इसके बाद वह अपने पिता के साथ इस दुकान में बैठने लगे। इसके बाद से ही दुकान का नाम टूंडे (हाथों से अपाहिज) कबाब पड़ा।
पिटर कैट, कोलकाता
कोलकाता का प्रसिद्ध पिटर कैट रेस्तरां Taste Atlas की लिस्ट में 17वें नंबर पर है। पिटर कैट रेस्तरां कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके की शान कहा जाता है। इस रेस्तरां की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां कबाब को पके हुए चावल के साथ परोसा जाता है। 1975 में जब पिटर कैट की शुरुआत हुई थी, उस समय कबाब सिर्फ अपने नाम से ही बिकते थे।

लेकिन इसके संस्थापक नीतिन कोठारी, जिन्हें चावल खाना बहुत पसंद था, वे कबाब और पके हुए चावल को मिलाकर कोई डिश तैयार करना चाहते थे। इस सोच के साथ ही उन्होंने चेलो कबाब की शुरुआत की, जिसमें चावल, कबाब और Fried Egg Poach के साथ मक्खन मिलाकर एक डिश के तौर पर परोसा जाने लगा। बस फिर क्या था, डिश हिट हो गयी और यहीं पिटर कैट का सिग्नेचर डिश बन गया।
अमरीक सुखदेव ढाबा, मुरथल
एक समय था जब दिल्ली के पराठे वाली गली की चर्चाएं पूरे देश में हुआ करती थी। लेकिन अब हरियाणा के मुरथल में अमरीक सुखदेव ढाबा के पराठे सिर्फ देशभर ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मशहूर हो रहे हैं। 1956 में मुरथल में स्थापित और टेस्ट एटलस की लिस्ट में 23वें नंबर पर स्थित यह ढाबा दिन के 24 घंटे खुला रहता है।

पहले ट्रक ड्राईवरों के बीच यह ढाबा सबसे ज्यादा लोकप्रिय था, लेकिन बाद में धीरे-धीरे इस ढाबे की लोकप्रियता आम लोगों तक भी पहुंच गयी। इस ढाबे में उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय, चाइनीज और स्ट्रीट फूड, हर तरह का खाना मिलता है। अमरीक सुखदेव ढाबे की सबसे बड़ी खासियत यहां का आलू का पराठा और पनीर मिसिया पराठा है।
तो अगली बार, जब भी आप इन राज्यों में जाएं तो विश्व के सबसे बेहतरीन रेस्तरां में शुमार इन रेस्तरां और यहां के प्रसिद्ध डिश जरूर ट्राई करें।



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