भारत में आस्था की पकड़ काफी मजबूत है, इसलिए आप यहां हर गली नुक्कड़ में मंदिर देख सकते हैं। भारत में कई खूबसूरत मंदिर है, जिन्हें देखने और दर्शन करने दूर देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन कुछ समय पहले इन मन्दिरों तक पहुंचना उतना आसान ना था, जितना की आज है।
इसीलिए भारत में धार्मिक पर्यटन खूब फल फूल रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि, की जिस तरह आज धार्मिक स्थलों तक पहुँचाना सुगम हो गया है, ऐसा पहले बिल्कुल भी नहीं था। जी हां अगर बात अस्सी नब्बे के दशक कि, की जाए तो इन जगहों के बारे में लोगो को जानकारी ना के बराबर थी, इसके अलावा यहां तक पहुंचना भी उनके बस की बात की नहीं होती थी। आज जो यात्रा दो दिन में पूरी हो जाती है, उसे पहले पूरा होने में महीनों लग जाते थे। लेकिन अगर बीते कुछ सालों में देखा जाए तो इन दुर्गम और निर्जन जगहों की यात्रा काफी सुलभ हो गयी है, और कभी वीराने में स्थित ये धार्मिक स्थल आज श्रद्धा के केन्द्र में गज़ब तौर से काफी विकसित हो गये हैं, तो आइये इसी क्रम में देखते हैं आज के भारत के भव्य मन्दिरों की कुछ पुरानी तस्वीर

वैष्णो देवी
वैष्णो देवी मंदिर जम्मू से लगभग 42 किलोमीटर दूर कटरा नामक स्थान पर स्थित है। वैष्णो देवी मंदिर हज़ारों लाखों की आस्थाओं की धरोहर जम्मू कश्मीर में है। जहाँ साल-भर भारी संख्या में श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन करने आते हैं।

वैष्णो देवी
इस मंदिर में अनेकों कहानियां है कहा जाता है कि देवी वैष्णों इस गुफा में छिपी और एक राक्षस का वध कर दिया था। इस मंदिर का मुख्य आकर्षण गुफा में रखे तीन पिंड है। मंदिर के पिंड एक गुफा में स्थापित है, गुफा की लंबाई 30 मी. और ऊंचाई 1.5 मी. है।Pc: Bittudubeyji

तिरुपति बालाजी
यह मंदिर भारत के प्रमुख मंदिरों में से एक है। वेंकटेश्वर मंदिर भारत सबसे महत्वपूर्ण आलीशान मंदिरों में से एक हैं। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर के प्रति अटूट रहती है। इस मंदिर की खूबसूरती और वातावरण तारीफ़ करने लायक है।

तिरुपति बालाजी
वेंकटेश्वर मंदिर के शिखर पर स्वर्ण पत्थर (सोने का पत्थर) चढ़ा हुआ है। यह मंदिर धार्मिक मान्यता में तो लोकप्रिय है ही साथ ही साथ इसके शिखर पर सोने का पत्थर देखने के लिए भी पर्यटकों की भीड़ उमड़ी रहती है। । इस मंदिर को भारत का सबसे धनी मंदिर माना जाता है, क्योंकि यहां पर रोज करोड़ों रुपये का दान आता है, साथ ही यहां पर अपने बालों का दान करने की भी परंपरा है।
Pc:Ashok Prabhakaran

स्वर्ण मंदिर
स्वर्ण मंदिर को हरमंदिर साहिब के नाम से भी जाना जाता है। यह देश का एक प्रमुख तीर्थस्थल है और यहां पूरे साल बड़ी संख्या में श्रद्धालू आते हैं।

स्वर्ण मंदिर
अमृतसर में स्थित इस मंदिर को सबसे पहले 16वीं शताब्दी में 5वें सिक्ख गुरू, गुरू अर्जुन देव जी ने बनवाया था। 19वीं शताब्दी की शुरुआत में महाराजा रणजीत सिंह ने इस गुरुद्वारे की ऊपरी छत को 400 किग्रा सोने के वर्क से ढंक दिया, जिससे इसका नाम स्वर्ण मंदिर पड़ा।Pc:Ian Sewell

केदारनाथ
आज केदारनाथ उतराखंड स्थित चार धामों में से एक है, केदारनाथ धाम आस्था का बहुत विशाल पवित्र स्थल है परन्तु इसकी आसपास की खूबसूरती भी पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करने से पीछे नहीं रहती। यहाँ का शांत वातावरण भगवान के प्रेम में डूबे श्रद्धालु और प्राकृतिक सौंदर्य किसी चमत्कार से कम नहीं लगता है। लेकिन आप इस तस्वीर में देख सकते हैं कि, वर्ष 1882 में यह मंदिर वीरान पहाड़ों के बीच में स्थित है।Pc:Unknown

केदारनाथ मंदिर
केदारनाथ मंदिर हिमालय की खूबसूरत हसीन वादियों में बना विशालतम आस्थाओं से रचा मंदिर है जो कि एक चौड़े पत्थर पर विराजमान है। भक्तों की भक्ति और प्रकृति ने इसकी सुंदरता में चार चाँद लगाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। वर्ष 2013 में प्राकृतिक आपदा भी इस मंदिर का कुछ नहीं बिगड़ सकी..आज भी इस मंदिर में मत्था टेकने भक्त भारी तादाद में पहुंचते हैं।Pc:Karunamay Mukhopadhyay

अजमेर दरगाह शरीफ
अजमेर दरगाह शरीफ़ राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है, जो ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती का स्थान है। वे एक सूफ़ी संत थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों और दलितों की सेवा में समर्पित कर दिया। यह स्थान सभी धर्मों के लोगों के लिए पूजनीय है और प्रतिवर्ष यहाँ लाखों तीर्थयात्री आते हैं।Pc:The British Library

अजमेर दरगाह शरीफ
हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह एक ऐसा पाक शफ्फाक नाम है जिसे मात्र सुनने से ही रूह को सुकून मिलता है। चाहे मुस्लिम हो या हिन्दू वो एक बार इस दरबार में अपनी हाज़िरी लगाने अवश्य आना चाहते हैं। Pc:Shahnoor Habib Munmun

हर की पौड़ी
उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार में स्थित हर की पौड़ी एक पवित्र और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इसका भावार्थ है "हरि यानी नारायण के चरण"।Pc:Unknown

हर की पौड़ी
हरिद्वार स्थितं हर-की-पौड़ी को ब्रम्हकुंड के नाम से भी जाना जाता है। यह वह स्थान है जहाँ गंगा नदी पहाड़ों को छोड़ने के बाद मैदानों में प्रवेश करती है। हर-की-पौड़ी का निर्माण प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य द्वारा अपने भाई ब्रिथारी की याद में करवाया था, जो गंगा नदी के घाट पर बैठ कर ध्यान किया करते थे।Pc:Sanatansociety

मणिकर्णिका घाट
मणिकर्णिका घाट वाराणसी में गंगानदी के तट पर स्थित एक प्रसिद्ध घाट है।Pc:Samuel Bourne...सेक्स वर्कर करती है पूरी रात डांस

मणिकर्णिका घाट
मणिकर्णिका घाट, वाराणसी का वह घाट है जहां पर्यटक मौत पर्यटन करते है। कई पर्यटक यहां हिंदू धर्म के दाह संस्कार को देखने और रीति - रिवाजों को समझने के वास्ते भी आते है।Pc: Sujay25

काशी विश्वनाथ मंदिर

काशी विश्वनाथ मंदिर
काशी का मंदिर जो की आज मौजूद है, वह वास्तविक मंदिर नहीं है। काशी के प्राचीन मंदिर का इतिहास कई साल पुराना है, जिसे औरंगजेब ने नष्ट कर दिया था। बाद में फिर से मंदिर का निर्माण किया गया, जिसकी पूजा-अर्चना आज की जाती है।Pc:officialy page

बद्रीनाथ

बद्रीनाथ
उत्तराखंड राज्य में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित बद्रीनाथ मंदिर को बद्रीनारायण मंदिर भी कहा जाता है। यह ऋषिकेश से लगभग 294 की दूरी पर उत्तर दिशा में स्थित है। मंदिर अपनी वास्तुकला और पौराणिक कथाओं के साथ पूरी दुनिया में सुप्रसिद्ध है।Pc:Neil Satyam

सोमनाथ मंदिर
गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह में स्थित सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग में से एक है, जिसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने करवाया था। इस मंदिर होने की पुष्टि ऋग्वेद में भी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि,इसे अब तक 17 बार नष्ट किया गया और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया।Pc:D.H. Sykes

सोमनाथ मंदिर
सोमनाथ मंदिर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन स्थल है। इस मंदिर प्रांगण में रोज रात को रात साढे सात से साढे आठ बजे तक एक घंटे का साउंड एंड लाइट शो आयोजित होता है, जिसमे मंदिर के इतिहास का सुंदर सचित्र वर्णन किया जाता है। पुराणिक कथायों के मुताबिक,यहीं श्रीकृष्ण ने अपना देहत्याग किया था।Pc:Ambuj.Saxena

रामेश्वरम
रामेश्वरम समुद्र की गोद में बसा एक बेहद खूबसूरत दर्शनीय स्थल होने के साथ साथ तीर्थ स्थल भी है जो कि चार धामों में से एक धाम है। यहाँ हर साल हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी आस्थाओं में लिपटी भगवान के प्रति प्रेम को दर्शाने आते हैं।Pc:Alexander Rea

रामेश्वरम
पौराणिक कथायों के मुताबिक, जब भगवान राम लंका को जीतकर वापस लौटे तो उन्होंने भगवान शिव के प्रति अपनी प्रेम भावना को दर्शाने के लिए इस मंदिर का निर्माण करवाया। यह मंदिर विश्व के बेहतरीन कलात्मक शैली और आस्थाओं से सराबोर मंदिरों में से एक है।Pc:Vinayaraj

कोणार्क मंदिर
13वीं शताब्दी में निर्मित सूर्य मंदिर ओड़िसा में स्थित है, जिसका निर्माण पूर्वी गंगा साम्राज्य के महाराजा नरसिंहदेव 1 ने 1250 CE द्वारा सम्पन्न किया गया था।Pc: James Fergusson

कोणार्क मंदिर

शिर्डी साईं बाबा मंदिर
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित एक गांव है, जो साईं बाबा की समाधि के लिए जाना जाता है। बताया जाता है कि शिर्डी, 20 वीं शताब्दी के महान संत साई बाबा का घर था। बाबा ने अपने जीवन की आधे से ज्यादा सदी को शिरडी में बिताया अगर यहां के स्थानीय लोगों कि माने तो बाबा लगभग 50 रहे थे।Pc: Photographer in Shirdi, India

शिर्डी साईं बाबा मंदिर
एक छोटे से गांव शिरडी में भक्ति की ऐसी खुशबू है कि दुनिया भर से आध्यात्मिक झुकाव वाले भक्तों का तांता, यहाँ लगा रहता है। आध्यात्मिकता की नजर से शिरडी दुनिया के नक्शे पर सबसे नम्बर एक पर है। यहाँ अन्य देवी-देवता जैसे शनि, गणपति और शिव आदि की पूजा भी की जाती है।Pc:Amolthefriend



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