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हो जाये एक ट्रिप चंडीगढ़ से ऋषिकेश तक

Written By: Goldi

चंडीगढ़ भारत की खूबसूरत प्लांड सिटी है..यह शहर अपनी वास्तुकला और डिजाइन के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा की राजधानी है।

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भारत-पाक विभाजन के बाद पंजाब को लाहौर के स्थान पर एक नई राजधानी की जरूरत थी। तब स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने एक नए और नियोजित शहर के निर्माण का फैसला किया। 1950 के दशक में ली कोरबुसियर नाम के एक फ्रेंच आर्किटेक्ट और अर्बन प्लानर ने चंडीगढ़ की रूपरेखा तैयार की। एक नवंबर 1966 में इस शहर को केन्द्रशासित प्रदेश और पंजाब व हरियाणा की राजधानी घोषित किया गया।

इस शहर का निर्माण सेक्टर में हुआ है..चंडीगढ़ के सेक्टर 17 और सेक्टर 22 काफी लोकप्रिय है..ये दोनों ही सेक्टर शॉपिंग और फ़ूड डेस्टिनेशन के लिए जाने जाते है।

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ऋषिकेश उत्तराखंड का एक बेहद ही पवित्र और धार्मिक शहर है। ऋषिकेश गंगा नदी के कारण पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है..इसे विश्व की योग राजधानी भी कहा जाता है। यहां का हास्य योग काफी प्रसिद्ध है..यहां कई आश्रम है जहां मार्च के महीने में अंतर्राष्ट्रीय आध्यत्मिक योगा फेस्टिवल आयोजित कराया जाता है।

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ऋषिकेश को चारधाम यात्रा "केदारनाथ,बद्रीनाथ,गंगोत्री,यमुनोत्री" का गेटवे भी कहा जाता है.. पूरे शहर को पवित्र माना जाता है और इसके कारण आगंतुकों की बढ़ती संख्याको देखते हुए,यह जगह आराम करने और प्रकृति के बीच तनाव को कम करने के लिए एक अद्भुत जगह है।

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इसके अलावा यहां पर्यटक एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे राफ्टिंग और बंजी जम्पिंग आदि का भी मजा ले सकते हैं,इतना ही नहीं ऋषिकेश को भारत की वाइट राफ्टिंग की राजधानी भी कहा जाता है।

रॉक गार्डन

रॉक गार्डन

रॉक गार्डन सेक्टर एक में सुखना झील और केपिटल कॉम्प्लेक्स के बीच में स्थित है। 40 एकड़ में फैले इस गार्डन में कई मूर्तियां हैं, जो घर के बेकार समानों जैसे टूटी हुई चूड़ी, चीनी मिट्टी के बर्तन, तार, ऑटो पार्ट्स और ट्यूब लाइट से बनी हैं। यह अद्भुत गार्डन हर दिन सुबह 9 बजे खुल जाता है। साथ ही यहां हर वीकेंड पर शाम 7:30 बजे साउंड लाइट शो भी आयोजित किया जाता है।

सुखना झील

सुखना झील

चंडीगढ़ एक नियोजित शहर है..जिस करान आपको यहां कोई भी आकर्षण प्रकृतिक नहीं मानव निर्मित मिलेंगे..जैसे सुखना झील..जोकि शिवालिक की पहाडियों के बीच स्थित है।यहां आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ बोटिंग का मजा ले सकते हैं।

गवर्मेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी

गवर्मेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी

चंडीगढ़ के सेक्टर 10 में स्थित सरकारी म्यूजियम और आर्ट गैलरी की ओर भी पर्यटकों को अपनी ओर काफी आकर्षित करता है। इसकी वास्तुशिल्पीय डिजाइन भी ली कोरबुसियर ने तैयार की थी। इस शानदार भवन में एक बड़ा सा विजिंट रूम, प्राकृतिक संरक्षण प्रयोगशाला, उपशाला, रिजर्व कलेक्शन स्टोरेज, अस्थाई प्रदर्शनी हॉल, ऑडिटोरियम और एक कैफेटेरिया है।म्यूजियम के विभन्न आर्ट गैलरी में गंधारा के पत्थरों की मूर्तियां, पुराने चट्टान और अन्य दूसरे शिल्पकृतियों का बेजोड़ संकलन देखा जा सकता है। सरकारी म्यूजियम और आर्ट गैलरी में प्राचीन व आधुनिक कला की प्रदर्शनी इसे शहर में आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बना देती है।PC:Rhythm Katraia

अंबाला

अंबाला

अंबाला चंडीगढ़ से 45 किमी की दूरी पर स्थित है..चंडीगढ़ से अंबाला पहुँचने में करीबन एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। अंबाला में स्थित गुरुद्वारा लखनपुर साहिब काफी प्रसिद्ध है..जिस कारण यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों का तांता लगा रहता है। इसके अलावा गुरुद्वारा मंजी साहिब भी प्रसिद्ध गुरुद्वारा है ..जिसका निर्माण गुरु हरगोबिन्द जी ने कराया था।PC:Manojkhurana

सहारनपुर

सहारनपुर

उत्तर प्रदेश में स्थित सह्रंपुर अंबाला से 39 किमी की दूरी पर स्थित है...अंबाला से यहां पहुँचने में करीबन एक घंटे का समय लगता है।यहां हिन्दू श्रद्धालुओं का धार्मिक स्थल घुग्गा वीर सहित है साथ ही कहा जाता है कि, यहीं माता शकभूरी देवी ने महिषासुर को वध किया था।PC: Anang M

हरिद्वार

हरिद्वार

सहरानपुर से हरिद्वार की दूरी 63 किमी है..यहां से हरिद्वार पहुँचने में करीबन एक से दो घंटे का वक्त लगता है। हरिद्वार का सबसे अलौकिक दृश्य शाम की गंगा आरती है..इस आरती को देखने के बाद आपकी सारी थकान चुटकियों में दूर हो जायेगी। इसके बाद आप यहां मनसा देवी, चंडी देवी, भारत माता मंदिर आदि देख सकते है।PC:Dirk Hartung

ऋषिकेश

ऋषिकेश

हरिद्वार से ऋषिकेश की दूरी 20 किमी है..पहाड़ी रास्ता होने के कारण यहां आप एक घंटे की ड्राइव कर आराम से पहुंच सकते हैं।PC: Sanjay

त्रिवेणी घाट

त्रिवेणी घाट

ऋषिकेश स्थित त्रिवेणी घाट में गंगा,युमना और सरस्वती का मिल्न होता है।माना जाता है, यहां स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस घाट पर रोज शाम को भव्य आरती का भी आयोजन होता है।PC: Ssteaj

राम झूला

राम झूला

गंगा नदी के ऊपर बना राम झूला पर्यटकों के बीच में खासा लोकप्रिय है..माना जाता है कि,भगवान श्री राम ने गंगा नदी को पर करने के लिए इस झूले का निर्माण जूट से किया था।

लक्ष्मण झूला

लक्ष्मण झूला

450 फीट की ऊंचाई पर बना हुआ लक्ष्मण झूला गंगा नदी पर स्थित है। इसका निर्माण वर्ष 1939 में किया गया था..इस पुल पर खड़े होकर आप समूचे ऋषिकेश को देख सकते हैं।PC:meg and rahul

त्र्यम्बकेश्वर मन्दिर

त्र्यम्बकेश्वर मन्दिर

यह मंदिर 13 मंजिला है..जोकि गंगा नदी के पूर्वी घाट की ओर स्थित है।PC: Vishal chand rajwar

भारत मंदिर

भारत मंदिर

भारत मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में गुरु आदि शन्कराचार्य ने कराया था..यह मंदिर ऋषिकेश के दिल यानी मध्य में स्थित है। इस मंदिर में विष्णु जी की मूर्ति है।

ऋषिकेश में राफ्टिंग

ऋषिकेश में राफ्टिंग

ऋषिकेश की यात्रा बिना राफ्टिंग किये अधूरी है..यहां की वाइट वाटर राफ्टिंग पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है...साथ ही आप यहां कायकिंग,बंजी जम्पिंग,फिशिंग और ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं। PC: simplysahil5

ऋषिकेश कब जाएँ?

ऋषिकेश कब जाएँ?

ऋषिकेश की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर को मार्च और अप्रैल और सितंबर के बीच का है। मई के महीने से वहां काफी गर्मी शुरू हो जाती है। ऋषिकेश में अगस्त जुलाई से मानसून का महीना शुरू हो जाता है। इस समय राफ्टिंग भी बंद कर दि जाती है। नवंबर से फरवरी तक काफी ठंड होती है, तो ऊनी कपड़ों का लाना बहुत आवश्यक है। मानसून के बाद का समय यात्रा करने के लिए बहुत ही आनंदमयी होता है।

कैसे पहुंचे ऋषिकेश

कैसे पहुंचे ऋषिकेश

हवाई मार्ग द्वारा
ऋषिकेश तक वायुमार्ग द्वारा पहुँचने के लिये यात्री 18 किमी की दूरी पर स्थित देहरादून के जॉली ग्राँट हवाईअड्डे के लिये उड़ाने ले सकते हैं।

ट्रेन द्वारा
ऋषिकेश का अपना खुद का रेलवेस्टेशन है जोकि दिल्ली, मुम्बई, कोटद्वार और देहरादून जैसे प्रमुख भारतीय शहरों से जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग
इसके अलावा यहाँ तक सड़कमार्ग द्वारा पहुँचने के लिये यात्री दिल्ली, देहरादून और हरिद्वार जैसे शहरों से प्राइवेट अथवा राज्य स्वामित्व की बसों का विकल्प चुन सकते हैं।

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