• Follow NativePlanet
Share
» »रहस्य : कहीं भूत मारते हैं तमाचा तो कहीं अपने आप पहाड़ चढ़ती हैं गाड़ियां

रहस्य : कहीं भूत मारते हैं तमाचा तो कहीं अपने आप पहाड़ चढ़ती हैं गाड़ियां

भारत का लंबा इतिहास कई अनसुलझे रहस्यों से भरा हुआ है। जिनकी पड़ताल आज तक जारी है। यहां कुछ ऐसे भी रहस्यमय स्थल मौजूद हैं जिनकी खोज लोगों को मौत के द्वार तक घसीट लाती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में पैरानॉर्मल सोसाइटी के संस्थापक गौरव तिवारी की भी मौत एक रहस्य बन चुकी है। जो भारत के सबसे बड़े पैरानॉर्मल विशेषज्ञ माने जाते थे।

आज नेटिव प्लानेट के इस खास खंड में हमारे साथ जानिए भारत के चुनिंदा पैरानॉर्मल साइट्स के बारे में, जिनके विषय में शायद ही आप जानते हों।

ब्रिज राज भवन पैलेस

ब्रिज राज भवन पैलेस

भारत का राजस्थान राज्य रहस्यों का गढ़ माना जाता है। यहां मौजूद कई ऐतिहासिक किले अपनी सुंदरता के साथ-साथ अनसुलझे रहस्यों और डरावने अनुभवों के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक पैलेस राजस्थान के कोटा शहर में स्थित है। जिसे भारत की चुनिंदा डरावनी जगहों में शामिल किया गया है। इसका नाम ब्रिज राज भवन पैलेस है। यह लगभग 178 साल पुराना बताया जाता है।
बताया जाता है यहां आज भी मेजर बर्टन (ब्रिटिश अफसर) की आत्मा इस भवन में भटकती है। जिसे 1857 की क्रांति के दौरान भारतीय सिपाहियों ने मार दिया था। वैसे यह आत्मा किसी को परेशान नहीं करती है, मगर हां रात में ड्यूटी के समय अगर कोई गार्ड सोता दिख जाए तो मेजर बर्टन का भूत उसे एक तमाचा रसीद देता है। थप्पड़ मारने का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है।पंच केदार : जहां दर्शन मात्र से ही दूर हो जाते हैं सारे कष्ट

रहस्यमयी रोशनी का राज

रहस्यमयी रोशनी का राज

हर साल 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के दौरान केरल के सबरीमाला मंदिर में एक अनोखी घटना घटती है। कहा जाता है इस दिन दूर पहाड़ों पर एक रहस्यमयी खगोलीय प्रकाश दिखाई देता है। जिसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता। हिन्दू भक्तों का मानना है यह रोशनी भगवान अययप्पन द्वारा प्रज्वलित होती है, वे इस दिन अपना आशिर्वाद इस रोशनी के माध्यम से देते हैं।

लेकिन बहुतों का मानना है कि यह रोशनी जंगल में रहने वाले लोगों द्वारा की जाती है। यह पहाड़ी आदिवासी लोगों की प्राचीन परंपरा है, जो लंबे समय से चली आ रही है। जिसे आज भी वहां के लोग मानते हैं। हालांकि इस रोशनी के पीछे का राज अबतक एक रहस्य ही बना हुआ है।रहस्य : दिन की रोशनी से जुड़ा भोलेनाथ के मंदिर का बड़ा रहस्य

मार्कोनाहल्ली बांध

मार्कोनाहल्ली बांध


यदि आप बैंगलोर के निकट कुनिलाल तालुक के मार्कोनाहल्ली बांध से होते हुए रोड़ ट्रिप का प्लान कर रहे है तो आपको थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है। कहा जाता है इस बांध के रास्ते पर एक अजीब गड्ढा है, जिसके ऊपर से एक बार गाड़ी गुजरी तो वो फिर स्ट्राट नहीं होती। कई बाईकर्स इस हादसे का शिकार हो चुके हैं।

इस गड्ढे से होकर गुजरे बाईकर्स का कहना है कि उन्हे अपनी बाइक बैंगलोर तक बिना चलाए खिंच के ले जानी पड़ी है। जानकारों का मानना है कि यहां कभी किसी बूढ़ी औरत को दफन किया गया था। जिस वजह से यह अजीबोगरीब हादसा बाईकर्स के साथ होता है।
इस वसंत ऋतु बनाएं इन खूबसूरत स्थलों की सैर का प्लान

मैग्नेटिक हिल

मैग्नेटिक हिल

PC- Elroy Serrao

लद्दाख के लेह में एक ऐसी रहस्यमयी पहाड़ी है जहां गाड़ियां अपने आप ऊपर की ओर चलने लगती है। इस पहाड़ी का नाम मैग्नेटिक हिल रखा गया है। अमूमन गाड़ियां न्यूट्रल अवस्था में ढलान की ओर भागती हैं लेकिन इस पहाड़ी पर आते ही वाहन बिना चालू किए ऊपर की ओर बढ़ने लगते हैं।

ऐसा क्यों होता है किसी को कुछ नहीं पता। हालांकि बहुतों का मानना है कि यहां मैग्नेटिक फोर्स पूरी जगह है, जिस वजह से गाड़ियां ऊपर की ओर बढ़ती हैं। इसलिए अगर आप यहां की यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें।

जटिंगा डेथ वैली

जटिंगा डेथ वैली

अबतक आपने इंसानों को ही आत्महत्या करते सुना होगा, लेकिन क्या आपने किसी पक्षी को ऐसा करते देखा है क्या ? सुनकर थोड़ा अजीब जरूर लगेगा पर भारत में एक ऐसी भी जगह है जहां पक्षी सामूहिक रूप से आत्महत्या करते हैं।
असम के गुवाहाटी शहर से लगभग 330 किमी की दूरी पर स्थित 'जंटिगा वैली' 'पक्षियों की आत्महत्या के लिए जानी जाती है। शाम ढलते ही यहां चारों तरफ मातम पसर जाता है, जब एकसाथ कई पक्षी मौत को गले लगा लेते हैं। हालांकि इससे पीछे की वजह आज तक किसी को पता नहीं लग सकी।

बुलेट बाबा

बुलेट बाबा

राजस्‍थान के पाली जिले से लगभग 20 किलोमीटर दूरी पर एक बुलेट मंदिर है, जहां एक मोटरसाइकिल की पूजा की जाती है। यहां सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों का तांता लगता है जहां लोग मोटरसाइकिल के सामने मत्था टेकते हैं। कहा जाता है कि यह बुलेट किसी ओम सिंह नाम के राजपूत की है। जिन्हें बुलेट का काफी शौक था। एक बार ठाकुर ओम सिंह पाली इलाके में भ्रमण के लिए निकले थे, तभी उनकी बुलेट पेड़ से टकरा गई और उनकी मौत मौके पर ही हो गई। हादसे के बाद जब उनकी बुलेट थाने में ले जाकर रख दी गई।

कहा जाता है सुबह बुलेट अपने स्थान से गायब होकर घटनास्थल पर खड़ी मिली थी। बुलेट को फिर थाने ले जाया गया, इस बार भी बुलेट गायब होकर दोबारा घटनास्थल पर ही मिली। ऐसी घटना बार-बार होती गई। जिसके बाद उसी जगह पर एक मोटरसाइकल का स्थान बनवा दिया गया।

भानगढ़ का किला

भानगढ़ का किला

PC- C980040

भारत की सबसे डरावनी जगहों में भानगढ़ का नाम आता है। राजस्थान का भानगढ़ किला अपने डरवाने अनुभवों के लिए जाना जाता है। यह प्राचीन किला शैतानी ताकतों का गढ़ बताया जाता है। जहां शाम के बाद कोई यहां रूकने की हिम्मत नहीं करता। यह किला ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भारतीय पुरातत्व विभाग के सरंक्षण में है।

यहां पुरातत्व विभाग द्वारा एक तख्ती टांग दी गई है जिसपर साफ-साफ लिखा है कि यहां शाम के वक्त जाना मना है। हालांकि अब यह एक पर्यटन गंतव्य है, जहां ,सैलानियों को सुबह से लेकर दोपहर के बीच देखा जा सकता है।अद्भुत : इस अनोखी अदालत में देवी-देवताओं को मिलती है सज़ा

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स