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सामने आई सच्चाई की, आखिर क्यों है भानगढ़ किला भूतिया

Written By: Goldi

राजस्थान स्थित भानगढ़ के किले को पूरे भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया में सबसे डरावनी जगहों मे से एक माना जाता है।इस किले को देखने आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोगों की माने तो यहां आज भी एक अलग तरह के डर और बेचैनी का अनुभव करते हैं।

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भानगढ़ का किला सरिस्का टाइगर रिजर्व और अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है। यह एक उजड़ा हुआ शहर है जोकि दिल्ली जयपुर हाइवे के पास स्थित है।

उत्तर भारत में यह एक बेहद ही खूबसूरत पर्यटन स्थलों मे से एक है..हालांकि यह बेहद डरावनी जगह है लेकिन किले में प्राकृतिक झरने, जलप्रपात, उद्यान, हवेलियां और बरगद के पेड़ इस किले की गरिमा को और भी अधिक बढ़ाते हैं। साथ ही भगवान सोमेश्वर, गोपीनाथ, मंगला देवी और केशव राय के मंदिर धर्म की दृष्टि से भी इसे महत्त्वपूर्ण बनाते हैं।

भानगढ़

भानगढ़

भानगढ़ किले का निर्माण अम्बेर के महान मुगल सेनापति,मान सिंह के बेटे माधो सिंह द्वारा 1613 में बनवाया गया था। राजा माधो सिंह अकबर की सेना के जनरल थे। ये किला जितना शानदार है उतना ही विशाल भी है, वर्तमान में ये किला एक खंडहर में तब्दील हो गया है।PC: Parth.rkt

भानगढ़

भानगढ़

भले ही भानगढ़ भुतहा जगह होने के कारण लोगो के बीच ज्यादा लोकप्रिय है..लेकिन इस किले की भव्यता को आज भी देखा जा सकता है।
PC: Ikram.md

भानगढ़

भानगढ़

यूं तो भानगढ़ किले भुतहा होने के कारण कई कहानियां प्रचलति है।उन्ही कहानियों में से एक कहानी है कि, यहाँ एक तपस्वी बाबा बालानाथ और राजा अजब सिंह के बीच किसी बात को लेकर एक समझौता हुआ था, जिसे बाद में राजा ने नहीं माना और बाबा ने उसे श्राप दे दिया की इस किले में कोई भी जीवित नहीं रहेगा और जो यहां आयगा वो मार जायगा। तब से लेकर आज तक ये किला यूं ही वीरान पड़ा है और आज भी इसमें भूत हैं। लोगों का मानना है कि यही कारण था कि किले को इसके निर्माण के तुरन्त बाद ही छोड़ दिया गया था, और शहर प्रेतवाधित होने की वजह से सुनसान हो गया। बाबा बालू नाथ की समाधि यहां आज भी है।PC:Radha Joshi

भानगढ़

भानगढ़

भानगढ़ में रात के समय किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है...पर्यटकों को यह यह शाम 6 बजे से पहले छोड़ देने का आदेश भी है। एएसआई ने सख्‍त हिदायत दे रखी है कि सूर्यास्‍त के बाद इस इलाके में कोई भी व्‍यक्ति न रुके। यहां तक की ये भी कहा जाता है क‍ि इस किले में सूर्यास्‍त के बाद जो भी गया वो फिर कभी भी वापस नहीं आया। ये तक कहा गया है की यहां आने वालों को कई बार रूहों द्वारा परेशान किया गया है और कुछ लोगों को अपनी जान तक से हाथ धोना पड़ा है।

PC: Vinod bhardwaj

भानगढ़

भानगढ़

स्थानीय लोगों की माने तो किले से आज तलवारों की आवाज और लोगों की चींखें सुनाई देती है। इसके अलांवा किले के भीतर कमरों में महिलाओं के रोने या फिर चूड़ियों के खनकने की भी आवाजें साफ सुनाई देती हैं। किले के पिछले हिस्‍सें में एक छोटा सा दरवाजा है जिसके पास बहुत अंधेरा रहता है। कई बार वहां किसी के बात करने की आवाज या एक विशेष प्रकार की गंध को भी लोगों ने महसूस किया है।PC:Abhironi1

भानगढ़

भानगढ़

हाल ही में इन्टरनेट पर एनआईटी कुरुक्षेत्र में पढने वाले लड़कों ने अपना भानगढ़ का वाक्या शेयर किया..उन्होंने लिखते हुए कहा कि, हमने सुन रखा था कि,भानगढ़ भुतहा सा है, पर हमने उसे कुछ खास वैसा नहीं पाया।PC:Debjyoti Banerjee

भानगढ़

भानगढ़

इन्होने अपने एक्सपीरियंस में बताया कि, जब हमने अपने राह चलते लोगो से कहा कि हम, भानगढ़ जा रहे हैं..तो उन्होंने हमे वापस घर लौट जाने की सलाह देकर सुबह आने को कहा। लेकिन हम भी हठी थे..हम लोग दीवार फांद के रात में 2 बजे अन्दर पहुंचे. हालांकि हमे अंदर डर तो लग रहा था..लेकिन सोचा जब आ गये हैं तो घूमकर ही जायेंगे।PC:Himanshu Yogi

भानगढ़

भानगढ़

किले के अंदर ऐसा लग रहा था..मानों पूरा शहर बसा हुआ हो..मोबाइल के टॉर्च की रौशनी में ये आगे बढ़ते रहे और किले के अन्दर घुसते गये। एक खंडहर के अन्दर आग जल रही थी, अन्दर गये तो पता चला 2 तांत्रिक लोग कुछ सिद्ध करने में लगे थे, जैसे फिल्मों में दिखाते हैं बुरी ताकतों को जगाने वाला तंत्र-मंत्र, ऐसा कुछ। ये 5 लोग आये थे और 5 ही वापस जाना चाहते थे इसलिए बिना उनका ध्यान भंग किये अपनी सांसे रोके ये उस जगह से बाहर निकल आए।PC: Apoorvpareek13

भानगढ़

भानगढ़

इन छात्रों के हिसाब से इन्हें महल के अंदर कोई भूत-वूत तो नहीं दिखा लेकिन वहां के माहौल में कुछ है। मतलब ऐसा लगता है जैसे कोई रोक रहा हो अन्दर जाने से, नेगेटिविटी सी है कुछ वहां। इतना ही नहीं इन सभी छात्रों ने किले अंदर पूरी रात भी बितायी थी।PC: Hemant Shesh

आइये मगर संभाल के

आइये मगर संभाल के

हम आपसे बस इतना ही कहेंगे आप यहां आ तो रहे हैं मगर एक बात का ध्यान रखिये यहां आने के बाद शाम से पहले ही वापस निकल जाइयेगा। क्योंकि बुरा वक़्त बता के नहीं आता।PC:Pratibhajangid

खूबसूरती के क्या कहने

खूबसूरती के क्या कहने

भले ही आज इस किले को भूतिया और वीरान कहा जाता है लेकिन अगर यहां आने वाले इसकी वास्तुकला को गौर से देखें तो उन्हें एहसास होगा कि इसकी खूबसूरती बेमिसाल है और ये किसी का भी मन मोह सकती है।

PC: Adityavijayavargia

किले के आसपास घूमने की जगह

किले के आसपास घूमने की जगह

किले के आसपास घूमने के लिए खूबसूरत झील है..जो भानगढ़ को और भी खूबसूरत बनाते हैं।PC:Aman.arch

टाइगर रिजर्व

टाइगर रिजर्व

इसके अलावा पर्यटक सरिस्का टाइगर रिजर्व को भी देख सकते हैं।

PC:Rohit Gangwal

कब घूम सकते हैं

कब घूम सकते हैं

भानगढ़ को घूमने का उचित समय सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक है।

PC:Adityavijayavargia

एंट्री फीस

एंट्री फीस

भानगढ़ को घूमने के लिए विदेशियों को 200 रुपये अदा करने होते हैं..साथ ही भारतीय नागरिक को 25 रूपये और वीडियो कैमरे के लिए 200 रूपये अदा करना होता है।PC:Adityavijayavargia

कैसे पहुंचे भानगढ़

कैसे पहुंचे भानगढ़

दिल्ली से भानगढ़ का रूट
दिल्ली-गुडगांव-भिवाड़ी-अलवर-सरिस्का-थानागजही-प्रतापगढ़-अजबगढ़-भानगढ़

साथ ही आप दिल्ली से टैक्सी भी किराये से भी पहुंच सकते हैं।

जयपुर से भानगढ़
जयपुर-दौंसा-गोले का बाज..यहां उतरने के बाद 15 मिनट चलने के बाद आप टैक्सी के जरिये भानगढ़ पहुंच सकते हैं।PC:Tapish2409

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