बचपन में हम सभी शेर,चीते,भालू आदि को चिड़ियाघर में देखा करते थे..लेकिन अब हम इन्ही जानवरों को जंगल सफारी के दौरान देखते हैं। जंगल सफारी से हम सिर्फ जानवरों को ही नहीं देखते बल्कि हमे प्रकृति को भी नजदीक से निहारने का भी मौका मिलता है।
जंगल सफारी का मजा पर्यटक हाथी की सवारी और जीप सफारी और पैदल चलकर ले सकते हैं। इसके साथ ही एडवेंचर लवर्स इन जंगलों के बीच कैम्पिंग करके भी प्रकृति को करीब से निहार सकते हैं। जंगल को करीब से निहारने और जानने के लिए जंगलों के बीच रिजोर्ट्स को आप अपना ठिकाना बना सकते हैं।
जंगलों के बीच रिजोर्ट्स वन विभागों द्वारा खोले गये जो पर्यटकों की हर सुविधा का ध्यान रखते हैं। भारत में 450 से ज़्यादा वन्यजीव अभ्यारण्य, 100 से ज़्यादा राष्ट्रीय उद्यानों, 40 से ज़्यादा बाघ अभ्यारणों के साथ, भारत वण्य जीव प्राणीयों का विश्व में सबसे बड़ा निवास है।
तो, चलिए हम आज भारत के इन्हीं जीव प्राणियों की सैर पर सफ़ारी की यात्रा द्वारा चलते हैं...क्लिक कर स्लाइड्स पर डालें नजर.....

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश
वन्यजीव फ़ोटोग्राफ़रों के लिए बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। जंगली बिल्लियों की जाति यहाँ फोटोज़ क्लिक करवाने के लिए अलग-अलग पोज़ में दिख जाएँगी। यहाँ के जानवर अब मानव हस्तक्षेप के आदि हो गये हैं। यहाँ की आपकी यात्रा शांत और मंत्रमुग्ध कर देने वाली होगी।PC:Siddharthgohiya

रणथम्बोर राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान
आपकी भारत की यात्रा अधूरी है अगर आपने यहाँ के किलों और जीव अभ्यारण्यों की सैर नहीं की तो। रणथंभौर नेशनल पार्क को दुनिया भर में बाघों की मौजूदगी के कारण जाना जाता है और भारत में इन जंगल के राजाओं को देखने के लिए भी यह अभयारण्य सबसे अच्छा स्थल माना जाता है। रणथम्भौर में दिन के समय भी बाघों को आसानी से देखा जा सकता है। यह भारत की पुरानी धरोहरों में से भी एक है।PC:Aadishbahulikar18

गिर राष्ट्रीय उद्यान, गुजरात
गिर राष्ट्रीय उद्यान, गुजरात टूरिज़्म के ख़ज़ानों में से एक है, जहाँ मुख्य आकर्षण का केंद्र है एशियाई शेर जिसे आप बब्बर शेर के नाम से भी जानते हैं। भारत में सिर्फ़ इसी राष्ट्रीय उद्यान में एशियाई शेर पाए जाते हैं। शेर की इस अनोखी जाति के साथ, यह उद्यान लगभग 32 प्रकार के स्तनधारी प्राणियों, लगभग 300 पक्षियों और लगभग 26 जाति के रेंगनेवाले जीवों का बसेरा भी है। तो इस सुहाने मौसम में तैयार हो जाइए अपने कैमरों के साथ, वन्य प्राणियों के कुछ खूबसूरत और अद्भुत पलों को क़ैद करने के लिए।PC:Suresh Shetty

सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिम बंगाल
सदाबहार वन से घिरा सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान युनेस्को द्वारा घोषित वैश्विक धरोहरों में से एक है। वैश्विक धरोहरों में से एक मतलब विश्व की खास जगहों में से एक। आपने कभी किसी बाघ को तैरते देखा है? नहीं ना! यहाँ पर आप उन्हें तैरते हुए भी देखेंगे। यहाँ की सैर, बाघों के साथ वो भी पानी में तैरते हुए आपकी सबसे रोचक सैर होगी।PC:Tayon Siddique

काजीरंगा नेशनल पार्क,असम
काजीरंगा नेशनल पार्क भारत के असम राज्य का एक राष्ट्रीय उद्यान है। यह उद्यान एक सींग का गैंडा (भारतीय गेंडा) के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।मानव जाति के बसेरों से बहुत दूर इस अभ्यारण्य में प्रकृति की खूबसूरती देखते ही बनती है। गेंडों के साथ हाथियों, भालुओं, तेंदुओं का यह बसेरा युनेस्को के वैश्विक धरोहरों की सूची में एक है।PC:Ashish swaroop

पेंच नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश
सतपुड़ा की पहाड़ियों के दक्षिणी भाग में स्थित है। यह पार्क मध्य प्रदेश की दक्षिणी सीमा में महाराष्ट्र के पास स्थित है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा इसे 1983 में नेशनल पार्क घोषित किया गया और 1992 में इसे अधिकारिक रूप से भारत का उन्नीसवा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।इस पार्क में पक्षियों की 164, उभयचर जंतुओं की 10, स्तनधारी जीवों की 33, रेंगने वाले जीवों की 30 और मछली की 50 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इसके अलावा पार्क में पैंथर और बाघों के अलावा, पेंच राष्ट्रीय उद्यान चीतल, काले हिरन, काले नेप्ड खरगोश,लकडबग्घा, उड़ने वाली गिलहरी, सांभर, लोमड़ी, जंगली सूअर, साही , सियार,चार सींगा, नील गाय आदि जंतुओं के लिए भी शरण स्थली है।
PC: Mayurisamudre

जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, उत्तराखंड
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान की सुनहरी यात्रा सन् 1936 से ही आरंभ हो गयी थी जब इसे एशिया का सबसे पहला राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। उसके बाद सन् 1974 में यह सबसे पहला बाघ अभ्यारण्य के रूप में उभर कर सामने आया। सबसे पुराना यह अभ्यारण्य बिल्लियों की एक अनोखी जाति, एक अलग किस्म के बाघों और अन्य जंगली जातियों जैसे फिशिंग बिल्लियाँ, हिमालयी तहर, सीरो, आदि जैसे जीवों के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है।PC: Kaushik mailbox

नागरहोल - कर्नाटक
नागरहोल - कर्नाटक राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान के रूप में भी जाना जाता है, यह अभयारण्य मैसूर और कूर्ग की सीमाओं पर स्थित है। यह एक बाघ अभयारण्य है, लेकिन यह जंगली हाथियों को भी देखा जा सकता है, साथ ही यह जंगल जंगली कुत्तों और हिरणों का भी घर है।
PC: Yathin S Krishnappa
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